नयी दिल्ली, 25 जून दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बृहस्पतिवार को एक बैठक करेगा जिसमें कोरोना वायरस के हर मरीज के जांच के लिए कोविड देखभाल केंद्र जाने की अनिवार्यता वाले नियमों में संशोधन करने पर फैसला लिए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
आप सरकार नयी व्यवस्था का कड़ा विरोध कर रही है जिसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 मरीजों के ‘‘हिरासत’’ में रहने के समान बताया है।
उपराज्यपाल अनिल बैजल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं जबकि मुख्यमंत्री इसके उपाध्यक्ष हैं।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘डीडीएमए के बृहस्पतिवार को शाम साढ़े पांच बजे बैठक करने का कार्यक्रम है। बैठक में नए नियमों में बदलाव करने का फैसला लिए जाने की संभावना है।’’
एक अन्य सूत्र ने बताया कि अधिकारी एंटीजेन केंद्रों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का चिकित्सीय मूल्यांकन करने पर भी विचार कर सकते हैं।
केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि वह कोविड-19 के प्रत्येक रोगी की सरकारी अस्पताल में अनिवार्य रूप से जांच कराने संबंधी अपने नए आदेश को वापस ले ले। साथ ही उन्होंने कहा था कि यह आदेश ‘‘सही नहीं’’ है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन और पुलिस मरीजों को जांच के लिए जबरन कोविड-19 देखभाल केंद्र ले जाती है तो उनके लिए यह 15 दिन हिरासत में रहने जैसा होगा।
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