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यूरोपीय संघ ने कोरोना वायरस के चलते लागू पांबदी से निकलने की योजना पेश की

यूरोपीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र के मुताबिक, यूरोप में कोरोना वायरस से 80 हजार लोगों की मौत हुई है जो दुनिया में इस संक्रमण से हुई मौतों का एक तिहाई आंकड़ा है। यूरोपीय आयोग ने कहा कि आने वाले हफ्तों या महीनों में लॉकडाउन से निकलने की राष्ट्रीय रणनीति बना रहे देशों का फैसला वैज्ञानिकों की सलाह पर आधारित होना चाहिए।

यूरोपीय संघ ने कोरोना वायरस के चलते लागू पांबदी से निकलने की योजना पेश की

ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य और डेनमार्क पहले ही लॉकडाउन के कुछ प्रावधानों को वापस ले चुके हैं जिसके बाद यूरोपीय संघ की कार्यकारी इकाई यूरोपीय आयोग सक्रिय हुआ। यूरोपीय आयोग ने दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी समूह में लॉकडाउन से बाहर निकलने में समन्वय करने के लिए रूपरेखा पेश की। उम्मीद है कि लॉकडाउन को खत्म करने में कम से कम कुछ और महीने लगेंगे और बड़े पैमाने पर जांच की जरूरत होगी।

यूरोपीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र के मुताबिक, यूरोप में कोरोना वायरस से 80 हजार लोगों की मौत हुई है जो दुनिया में इस संक्रमण से हुई मौतों का एक तिहाई आंकड़ा है। यूरोपीय आयोग ने कहा कि आने वाले हफ्तों या महीनों में लॉकडाउन से निकलने की राष्ट्रीय रणनीति बना रहे देशों का फैसला वैज्ञानिकों की सलाह पर आधारित होना चाहिए।

ब्रसेल्स सदस्य देशों द्वारा अपने स्तर पर कदम उठाए जाने वाले कदमों से होने वाले संभावित नुकसान को लेकर चिंतित है। उदाहरण के लिए, इटली में महामारी के प्रसार के बाद दहशत फैल गई, कई देशों ने बिना पूर्व घोषणा के ही सीमा बंद कर दी जिससे सीमा पर ट्रैफिक जाम हो गया, ऐहतियाती कदमों के तहत निर्यात पर रोक लगा दी गई जिससे सबसे प्रभावित देश चिकित्सा उपकरणों से वंचित हो गए।

इस रुख पर यूरोपीय संघ बंटा हुआ दिखाई दिया। अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक होने के बावजूद फ्रांस ने 11 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया। बेल्जियम भी इसी राह पर चल रहा है। स्पेन ने हाल ही में दूसरी बार दो हफ्ते के लिए राज्य आपात की अवधि बढ़ाई है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह संकेत है कि पाबंदी हटाने का यह सही समय नहीं है।’’ इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट संवाद की जरूरत को रेखांकित किया।

लेयेन ने चेतावनी दी कि पाबंदियों को हटाने से बढ़ने वाले नये मामलों को रोका नहीं जा सकेगा। पांबदियों में ढील की शुरुआत एक अवधि तक मामलों में कमी और अस्पताल की क्षमता बढ़ाए जाने के बाद ही करनी चाहिए।

आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कैसे सदस्य देश यह बदलाव करेंगे। योजना की रूपरेखा में केवल यह रेखांकित किया गया है कि क्रामिक कार्रवाई होनी चाहिए।

यूरोपीय आयोग के दस्तावेज में कहा गया, ‘‘पाबंदियों को हटाने में समन्वय नहीं होने से सभी देशों पर नकारात्मक असर होने का खतरा है और इससे राजनीतिक टकराव उत्पन्न होगा।’’

इसमें कहा गया है कि कारोबार के परिचालन पर रोक क्षेत्रवार तरीके से हटाना चाहिए और यह इस पर आधारित होना चाहिए कि क्या इंटरनेट के जरिये काम हो सकता है, अर्थव्यवस्था के लिए अमुक उद्योग का महत्व क्या है, क्या पाली में काम की व्यवस्था हो सकती है। इसके अलावा, सामाजिक दूरी का अनुपालन किया जाना चाहिए और सभी को एक साथ काम पर बुलाना नहीं चाहिए।

यूरोपीय आयोग ने कहा कि लोगों की संख्या निर्धारित कर क्रमिक तरीके से दुकानों को खोला जा सकता है और स्कूलों को भी दोबारा शुरू किया जा सकता है। हालांकि, आयोग ने कक्षा में छात्रों की संख्या कम रखने और उनमें उचित दूरी सुनिश्चित करने को कहा है। मध्यान्ह भोजन के लिए अलग- अलग समय तय किया जा सकता है और इंटरनेट से अध्ययन को यथासंभव बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

ब्रसेल्स ने कहा कि किसी कदम के असर को आंकने के लिए करीब एक महीने का अंतर होना चाहिए।

यूरोपीय आयोग ने कहा कि बुजुर्ग आयु वर्ग के लोगों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना होगा जबकि रेस्तरां, बार, सिनेमा कारोबार को सीमित समय और लोगों के आधार पर दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है। उत्सवों और संगीत समारोह में लोगों की भारी भीड़ जुटने पर लगी रोक को सबसे आखिरी में ढील देनी चाहिए।

आयोग ने बड़े पैमाने पर जांच कराने और सभी सदस्यों में इसमें एकरूपता कायम रखने पर जोर दिया है।

यूरोपीय आयोग ने कहा कि मोबाइल फोन ऐप सहित अन्य माध्यमों से डाटा एकत्र करने पर संक्रमण की कड़ी को तोड़ने और खतरे को कम करने में मदद मिलेगी एवं यह स्वैच्छिक आधार पर होना चाहिए।

यूरोपीय आयोग ने माना कि इस संकट का एकमात्र स्थायी उपाय टीका है। आयोग के मुातबिक, टीका विकसित करने के लिए यूरोपीय संघ धन दे रहा है और यूरोपीय दवा एजेंसी के साथ मिलकर चिकित्सकीय परीक्षण को आसान बनाने और लालफीताशाही को कम करने के लिए काम कर रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 07:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).