विदेश की खबरें | ईयू शिखर सम्मेलन रात भरी चली वार्ता के बाद कुछ समय के लिए रुका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रसेल्स, 20 जुलाई (एपी) यूरोपीय संघ की लगातार चल रही शिखर वार्ता, ईयू के 2,10,000 करोड़ डॉलर (1.85 ट्रिलियन यूरो) के अभूतपूर्व बजट एवं कोरोना वायरस कोष पर सहमति बनाने के लिए चार दिनों से चल रहे घमासान के बाद कुछ समय के लिए रुक गई है।

ब्रसेल्स, 20 जुलाई (एपी) यूरोपीय संघ की लगातार चल रही शिखर वार्ता, ईयू के 2,10,000 करोड़ डॉलर (1.85 ट्रिलियन यूरो) के अभूतपूर्व बजट एवं कोरोना वायरस कोष पर सहमति बनाने के लिए चार दिनों से चल रहे घमासान के बाद कुछ समय के लिए रुक गई है।

अपनी-अपनी बात मनवाने की कोशिश में थक चुके नेता दोपहर में फिर से बैठक शुरू करेंगे।

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यूरोपीय संघ (ईयू) के 27 नेताओं का शिखर सम्मेलन शुक्रवार को शुरू होना था और शनिवार को इसका समापन निर्धारित था। नेताओं के बीच गहरे वैचारिक मतभेदों के चलते यह वार्ता पहले रविवार तक खिंची और फिर रात भर चलने के बाद सोमवार सुबह को भी जारी रही।

तल्ख बातचीत ने पांच अमीर उत्तरी देशों - नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड को वैश्विक महामारी से बुरी तरह प्रभावित दक्षिणी राष्ट्रों के खिलाफ खड़ा कर दिया है जिन्हें बड़ी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं - जर्मनी और फ्रांस का समर्थन प्राप्त है।

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सोमवार तड़के शिखर सम्मेलन स्थल छोडते वक्त नेताओं ने कोई टिप्पणी नहीं की।

यूरोपीय संघ के सभी नेताओं के मन में कोरोना वायरस संकट पर सहानुभूति जगाने की मंशा से यूरोपीय संघ (ईयू) परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने रविवार को उनसे अपने मतभेदों से ऊपर उठने और ईयू के 2,10,000 करोड़ डॉलर (1.85 ट्रिलियन यूरो) के अभूतपूर्व बजट एवं कोरोना वायरस कोष पर सहमत होने की अपील की।

तीन दिनों की वार्ता का कोई निष्कर्ष न निकलने के बाद, मिशेल ने आधिकारिक भोज के दौरान कोविड-19 के कारण गुट पर आई अभूतपूर्व मंदी और दुनिया भर में मरने वाले 6,00,000 लोगों का मुद्दा उठा कर सबको प्रभावित करने की कोशिश की।

उन्होंने एक और दिन की विभाजनकारी वार्ता के अंत में नेताओं से पूछा, “क्या ईयू के 27 नेता यूरोपीय एकता या विश्वास निर्माण करने में सक्षम हैं या गहरी दरार के कारण हम खुद को एक कमजोर यूरोप के तौर पर प्रस्तुत करेंगे जिसकी जड़ में अविश्वास होगा।

मिशेल ने कहा, “मेरी कामना है कि हम एक समझौता कर पाने में सफल हों और यूरोपीय मीडिया की कल की सुर्खियों में आए कि ईयू ने असंभव मिशन को पूरा कर लिया है।”

शिखर सम्मेलन के चौथे दिन की शुरुआत तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचा जा सका था। वायरस कोष के आकार एवं शर्तों को लेकर नेताओं के बीच घमासान जारी है।

मिशेल के करीबी एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो नेता रात भर भी इस दिशा में काम कर सकते हैं।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के साझेदारों के साथ करीब से बातचीत करने के बावजूद, पारंपरिक रूप से शक्तिशाली माना जाने वाला फ्रांस-जर्मनी का गठबंधन भी गुट के 27 राष्ट्रों को एक मुद्दे पर सहमत नहीं कर पा रहा है।

मर्केल ने कहा, “कोई समाधान निकलेगा या नहीं, मैं अब भी कुछ नहीं कह सकती हूं।’’

वैश्विक महामारी के कारण ईयू को अनियंत्रित गिरावट का सामना करना पड़ा है जहां उसके करीब 1,35,000 नागरिक मारे गए हैं और इस साल उसकी अर्थव्यवस्था तकरीबन 8.3 प्रतिशत तक संकुचित हो गई है।

गुट के कार्यकारी ने 750 अरब यूरो कोरोना वायरस कोष का प्रस्ताव दिया है जो आंशिक तौर पर साझा उधार पर आधारित है जिसे वैश्विक महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों को कर्ज और अनुदान के तौर पर दिया जाएगा। यग सात साल के एक हजार अरब यूरो के ईयू के बजट के ऊपर है जिसे लेकर नेताओं के बीच वैश्विक महामारी आने से पहले से ही कई महीनों से घमासान जारी है।

सभी राष्ट्रों ने सहमति जताई है कि उन्हें इसे हासिल करने के लिए साथ आना होगा लेकिन उत्तर के पांच समृद्ध देश, नीदरलैंड की अगुवाई में, खर्च पर सख्त नियंत्रण चाहते हैं जबकि संघर्ष कर रहे स्पेन और इटली जैसे दक्षिणी राष्ट्र का कहना है कि इन शर्तों को न्यूनतम रखा जाना चाहिए।

रविवार रात खाने की मेज पर, नेताओं ने पांच समृद्ध उत्तरी राष्ट्रों के प्रस्ताव पर विचार किया होता जो कोरोना वायरस कोष को 35 करोड़ यूरो अनुदान के रूप में और इतनी ही राशि कर्ज के रूप में देने का सुझाव देता है। पांच ईयू राष्ट्र ने किसी भी तरह के अनुदान का लंबे समय से विरोध किया है।

मर्केल और मैक्रों साझा उद्देश्य के प्रति इन राष्ट्रों में प्रतिबद्धता के अभाव पर दुख जताते हुए तीखी वार्ता से बाहर हो गए।

मैक्रों ने कहा कि नेताओं को समझौता करने की जरूरत है लेकिन ईयू के सिद्धांतों एवं उद्देश्यों का सम्मान करते हुए।

एपी

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