विदेश की खबरें | ईयू के नेता सीमा खोलने पर सहमत, लेकिन यात्राएं सीमित करने पर दिया जोर

ईयू के शीर्ष रोग नियंत्रण अधिकारी ने कहा कि अस्पतालों में कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या और मौतों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

वायरस में बदलाव के बाद इसके नए स्वरूपों पर गंभीर चिंता जताते हुए ईयू के 27 नेताओं ने गैर-जरूरी यात्राओं को सीमित करने, वायरस में बदलाव पर नजर रखने और लॉकडाउन जैसी पाबंदियों पर जोर दिया।

इन नेताओं ने समूचे ईयू में संक्रमण से हो रही मौत पर चिंता जतायी, हालांकि गैर जरूरी यात्रा पर प्रतिबंध लगायी जाये या नहीं इस पर वे तत्काल सहमत नहीं हुए।

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रट ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि यात्रा से बचा जाए लेकिन इसे तुरंत लागू नहीं किया जा सकता है।’’

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन देर लेयेन ने सीमाएं खोले रखने पर जोर दिया ताकि पाबंदियां लगाए जाने के दौरान भी सामान की आवाजाही सुगमता से हो।

कोविड-19 महामारी से ईयू के देशों में करीब चार लाख लोगों की मौत हुई है। यूरोपीय रोग निवारण एवं नियंत्रण केंद्र (ईसीडीसी) की प्रमुख एंड्रिया एम्मॉन ने कहा, ‘‘संक्रमण के बढ़ते मामलों से अस्पतालों पर बोझ बढ़ेगा और सभी आयुवर्ग के लोगों विशेषकर बजुर्गों में मौत का खतरा भी बढ़ेगा।’’

सम्मेलन से पहले प्रकाशित एक अध्ययन में ईसीडीसी ने ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका से वायरस के नए स्वरूपों के उभरने को लेकर चिंता जतायी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)