देश की खबरें | सैनिकों की समग्र वापसी सुनिश्चित करना ‘‘तात्कालिक दायित्व’’ है : भारत ने चीन के साथ गतिरोध पर कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में विवाद के सभी बिन्दुओं से सैनिकों की समग्र वापसी सुनिश्चित करना एक ‘‘तात्कालिक दायित्व’’ है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में विवाद के सभी बिन्दुओं से सैनिकों की समग्र वापसी सुनिश्चित करना एक ‘‘तात्कालिक दायित्व’’ है।

नयी दिल्ली की यह टिप्पणी चीन के साथ एक और दौर की सैन्य वार्ता से पहले आई है। हालांकि, आठवें दौर की सैन्य वार्ता की तारीख को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन यह अगले सप्ताह के पूर्वार्द्ध में हो सकती है।

यह भी पढ़े | AAP नेता संजय सिंह ने योगी सरकार पर जातीय हिंसा का षड्यंत्र रचने का लगाया आरोप, पीएम मोदी से की शिकायत.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘तात्कालिक दायित्व विवाद के सभी बिन्दुओं से सैनिकों की समग्र वापसी सुनिश्चित करना है।’’

वह एक संवाददाता सम्मेलन में भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध को लेकर वार्ता की स्थिति के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

यह भी पढ़े | CBSE ने डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए लॉन्च किया Facial Recognition System.

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से वार्ता के माध्यम से निकालने के प्रयास में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, भारत और चीन एलएसी पर सीमावर्ती क्षेत्रों संबंधी मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों से लगातार चर्चा कर रहे हैं।’’

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘यह 10 सितंबर को मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक में बनी सहमति के अनुरूप किया जा रहा है।’’

विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर मॉस्को में बातचीत की थी और वे पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए पांच सूत्री एक समझौते पर पहुंचे थे।

समझौते में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति की बहाली के लिए सैनिकों की त्वरित वापसी, तनाव भड़काने वाली गतिविधियों से बचने और सीमा प्रबंधन से संबंधित सभी समझौतों एवं प्रोटोकॉल का पालन करने पर सहमति जताई गई थी।

श्रीवास्तव ने भारत और चीन के बीच 30 सितंबर को हुई पिछले दौर की कूटनीतिक वार्ता और 12 अक्टूबर को हुई सातवें दौर की सैन्य वार्ता का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने सैन्य और कूटनीतिक माध्यमों से वार्ता एवं संपर्क बनाए रखने तथा सैनिकों की जल्द से जल्द वापसी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने की इच्छा जताई है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\