देश की खबरें | सुनिश्चित करें कचरा खुले में नहीं फेंका जाए: एनजीटी ने हरियाणा के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया निर्देश

नयी दिल्ली, 30 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि गुरुग्राम नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनुपालन करे और कोई भी कचरा खुले में न फेंका जाए।

अधिकरण ने स्थल का दौरा करने और चार सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के लिए एक समिति भी गठित की।

अधिकरण उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया था कि गुरुग्राम के उद्योग विहार इलाके में कचरा सड़क पर या खुले इलाकों में कथित तौर पर फेंका जा रहा है।

कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस. के. सिंह, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील की उन दलीलों पर गौर किया, जिनमें कहा गया है कि कचरा संग्रहण कंपनी - इको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और नागरिक निकाय ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन’ (एमएसडब्ल्यू) नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।

पीठ ने कहा, "पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है।"

इसने इको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम नगर निगम और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित प्रतिवादियों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

अधिकरण ने कहा, "हम इस मामले पर गुरुग्राम के उपायुक्त और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक प्रतिनिधि की संयुक्त समिति से रिपोर्ट मांगना उचित समझते हैं।’’

इसने समिति को मौके का दौरा करने और चार सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘‘हम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश देते हैं कि वह गुरुग्राम नगर निगम द्वारा एमएसडब्ल्यू नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करे और यह भी सुनिश्चित करे कि कोई भी कचरा खुले इलाकों या सड़क के किनारे नहीं फेंका जाए।"

अधिकरण ने कहा, ‘‘उल्लंघन के मामले में, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उल्लंघनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।"

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)