देश की खबरें | प्रवर्तन निदेशालय ने 2011 के जहरीली शराब कांड मामले में इंदौर के व्यापारी का फ्लैट कुर्क किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान में 2011 में हुई जहरीली शराब त्रासदी से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में इंदौर के एक व्यापारी का 10 लाख रुपये मूल्य का एक फ्लैट कुर्क किया है। उक्त जहरीली शराब कांड में 22 व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
नयी दिल्ली, 27 मई प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान में 2011 में हुई जहरीली शराब त्रासदी से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में इंदौर के एक व्यापारी का 10 लाख रुपये मूल्य का एक फ्लैट कुर्क किया है। उक्त जहरीली शराब कांड में 22 व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने इंदौर के लिंबोडी इलाके में सिलवर लेक विस्टा में 985 वर्ग फुट का एक दो बीएचके (दो बेडरूम, हॉल किचन) फ्लैट को कुर्क करने के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया है।
उसने कहा कि फ्लैट की कीमत करीब 10 लाख रुपये है और इसका स्वामित्व व्यापारी अमनदीप सिंह भुल्लर के पास है, जो इसी शहर में रहता है।
प्रवर्तन निदेशालय ने ‘‘वर्ष 2011 में जोधपुर जिले में अवैध रूप से बेची गई शराब के सेवन से 22 लोगों की मौत से संबंधित मामले में जोधपुर पुलिस की 2011 की एक प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक आरोप लगाये थे।’’
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया था, जिसमें शारदा देवी और कुछ और शामिल थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया, ‘‘जांच में पता चला कि भुल्लर ने राजस्थान के जोधपुर और पाली जिले में अवैध स्पीरिट की आपूर्ति, मामले के अन्य आरोपी कालूराम बिश्नोई को की, जिसने उसका इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में किया।’’
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया, ‘‘यह पाया गया कि कालूराम बिश्नोई ने भुल्लर को स्पीरिट के लिए भुगतान हवाला लेन-देन के जरिये किया।’’
उसने कहा कि बिश्नोई इस जहरीली शराब कांड का ‘‘सरगना’’ है।
पूर्व में बिश्नोई की 1.23 करोड़ रुपये की सम्पत्ति (नकदी सहित) एजेंसी ने कुर्क की थी।
एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)