जरुरी जानकारी | गेहूं निर्यात पंजीकरण प्रक्रिया के सख्त अनुपालन के लिए भौतिक सत्यापन पर जोर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने गेहूं निर्यात पंजीकरण प्रक्रिया में प्रावधानों के सख्त अनुपालन के लिए सभी दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन का आदेश दिया है।
नयी दिल्ली, 31 मई सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने गेहूं निर्यात पंजीकरण प्रक्रिया में प्रावधानों के सख्त अनुपालन के लिए सभी दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन का आदेश दिया है।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) जारी करने से पहले गेहूं निर्यात के लिए आवेदन करने वालों के सभी दस्तावेजों को भौतिक रूप से सत्यापित करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश यह सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है कि निर्यातकों को अनुचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) जारी न हो।
आदेश में कहा गया है, ‘‘खामियों को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि क्षेत्रीय प्राधिकरण सभी साख-पत्रों का भौतिक सत्यापन करेंगे, चाहे वे पहले से स्वीकृत हों या स्वीकृति की प्रक्रिया में हों। जरूरी होने पर ऐसे सत्यापन के लिए किसी पेशेवर एजेंसी की मदद ली जा सकती है।’’
सरकार उस गेहूं खेप के निर्यात को अनुमति दे रही है, जिसके लिए 13 मई को या उससे पहले अपरिवर्तनीय ऋण पत्र (एलओसी) जारी किए गए थे, जिस तिथि को खाद्यान्न के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया था।
सरकार ने ‘‘गेहूं निर्यात पंजीकरण प्रक्रिया में प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए" आदेश दिया है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)