CJ Yesudasan Passes Away: प्रख्यात व्यंग्य चित्रकार CJ Yesudasan का निधन, एक हफ्ते पहले कोविड-19 को दी थी मात
प्रख्यात व्यंग्य चित्रकार सी जे येसुदासन का कोविड-19 के बाद की समस्याओं के कारण यहां एक निजी अस्पताल में बुधवार तड़के निधन हो गया. एर्नाकुलम प्रेस क्लब के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. वह 83 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं. येसुदासन एक हफ्ते पहले कोविड-19 से स्वस्थ हुए थे लेकिन उन्हें संक्रमण के बाद की दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया.
कोच्चि, 6 अक्टूबर : प्रख्यात व्यंग्य चित्रकार सी जे येसुदासन का कोविड-19 के बाद की समस्याओं के कारण यहां एक निजी अस्पताल में बुधवार तड़के निधन हो गया. एर्नाकुलम प्रेस क्लब के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. वह 83 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं. येसुदासन एक हफ्ते पहले कोविड-19 से स्वस्थ हुए थे लेकिन उन्हें संक्रमण के बाद की दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्होंने तड़के तीन बजकर 45 मिनट पर अंतिम सांस ली. अपने राजनीतिक व्यंग्य चित्रों के लिए मशहूर येसुदासन को केरल सरकार से कई बार सर्वश्रेष्ठ व्यंग्य चित्रकार का पुरस्कार मिला. उन्होंने स्वदेश अभिमानी पुरस्कार, बी एम गफूर पुरस्कार, वी सम्बाशिवन मेमोरियल पुरस्कार, पी के मंत्री मेमोरियल पुरस्कार और एन वाई पायली पुरस्कार भी जीता. अलप्पुझा जिले के भरईक्कावु में 1938 में जन्मे येसुदासन ने लंबे समय तक मलायाला मनोरमा के साथ व्यंग्य चित्रकार के तौर पर काम किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में जनयुगम और शंकर्स वीकली के साथ भी काम किया.
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने येसुदासन के निधन पर शोक जताया और कहा कि व्यंग्य चित्रों के क्षेत्र ने एक अनोखी प्रतिभा को खो दिया है. उन्होंने कहा कि येसुदासन ने अपने व्यंग्य चित्रों के जरिए न केवल एक दौर के राजनीतिक घटनाक्रम दिखाए बल्कि साहसिक ढंग से अपने विचारों को अभिव्यक्त किया और जो कोई भी उनके काम को देखता है वह केरल का राजनीतिक इतिहास देख सकता है. विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने भी उनके निधन पर शोक जताया और कहा कि व्यंग्य चित्रकार ने अपने काम से केरल और भारत के राजनीतिक इतिहास पर एक छाप छोड़ी है. यह भी पढ़ें : Arvind Trivedi Passes Away: ‘रामायण’ में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का निधन
उन्होंने कहा कि येसुदासन ने व्यंग्य चित्रों की कला को लोकप्रिय बनाया और वह केरल में पहले पॉकेट व्यंग्य चित्र के रचयिता थे. उन्होंने अपने काम के जरिए आलोचना की, लोगों को हंसाया और उन्हें सोचने पर मजबूर किया. सतीशन ने कहा कि येसुदासन ने के जी जॉर्ज की मशहूर व्यंग्य फिल्म ‘पंचवादिपलाम’ के लिए जो संवाद लिखे, उसके जरिए अपनी प्रतिभा की गहरायी दिखायी. उन्होंने कहा कि येसुदासन के व्यंग्य चित्र उनके साथ नहीं मरेंगे. येसुदासन का अंतिम संस्कार यहां एक गिरजाघर में बृहस्पतिवार को किया जाएगा. उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह कलामासेरी में नगर निगम के टाउन हॉल में रखा जाएगा जहां जनता उनके आखिरी दर्शन कर सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2021 11:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

