जरुरी जानकारी | बिना लगाये ही लाखों की रीडिंग बता रहे बिजली के मीटर : उपभोक्ता परिषद ने की शिकायत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मंगलवार को एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि सौभाग्य योजना के लिये खरीदे गये मीटर, घरों में लगाये जाने से पहले ही लाखों यूनिट बिजली की खपत बता रहे हैं।

लखनऊ, तीन नवम्बर उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मंगलवार को एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि सौभाग्य योजना के लिये खरीदे गये मीटर, घरों में लगाये जाने से पहले ही लाखों यूनिट बिजली की खपत बता रहे हैं।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने यहां एक बयान में कहा कि अभी तक उपभोक्ताओं के घर में लगने वाले इलेक्ट्रॉनिक तथा स्मार्ट मीटर में बिजली की खपत बहुत तेजी से दर्ज होने की शिकायत मिलती थी लेकिन इटावा जिले में बिजली विभाग की 'सौभाग्य योजना' के तहत घरों में लगाने के लिये मंगाये गये मीटर अपनी पैकिंग में पड़े-पड़े खुद-ब-खुद रीडिंग दर्ज कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: पीएम मोदी का तंज- डबल-डबल युवराजों को नकार, फिर बनेगी ‘NDA की सरकार.

वर्मा ने कहा कि उन्होंने इस सिलसिले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से शिकायत की है, जिन्होंने मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उन्होंने इटावा के सहायक विद्युत अभियंता का गत 15 अक्टूबर को अधीक्षण अभियंता को लिखा एक पत्र साझा किया। इस पत्र में कहा गया है कि सौभाग्य योजना के लिये एक निजी कम्पनी से खरीदे गये मीटरों में से छह की जांच में पाया गया है कि वे उपभोक्ता के घर में लगाये जाने से पहले ही 7948 से लेकर 8,41,502 यूनिट बिजली की खपत दिखा रहे हैं। सहायक अभियंता ने अपने पत्र में मीटर निर्माता कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: फेस्टिवल सीजन में सरकारी कर्मचारी इस स्कीम का उठा सकते है फायदा, जानिए कैसे.

वर्मा ने कहा कि यह अपने आप में बहुत गंभीर मामला है। सौभाग्य योजना के तहत कैसे वे मीटर खरीद लिए गये और उसका वेंडर अनुमोदन अभियंताओ द्वारा ही दिया गया है। अभी तो यह सिर्फ इटावा का मामला है। प्रदेश भर में न जाने ऐसे कितने मीटर की आपूर्ति की गयी होगी और कितने लगा दिये गये होंगे। इसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ता के घर में लगने वाला मीटर रूपी तराजू संदेह के घेरे में है। जब तक मीटर निर्माता कम्पनियों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया जायेगा, यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा।

सलीम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Middle East Conflict: फारस की खाड़ी में गहराया समुद्री संकट, सैन्य संघर्ष के बीच 5 की मौत; 69 का रेस्क्यू और 10 से अधिक जहाज क्षतिग्रस्त

Australia Women vs India Women Only Test Pitch Report: इकलौते टेस्ट में भारत महिला के बल्लेबाज दिखाएंगे दम या ऑस्ट्रेलिया महिला के तेज गेंदबाज बनेंगे चुनौती? यहां जानें पिच रिपोर्ट

Australia Women vs India Women Only Test Prediction: अहम डे-नाइट टेस्ट में दबदबा कायम रखना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, इतिहास रचने उतरेगी भारत महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

Australia Women vs India Women Only Test Weather Update: पर्थ में ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला डे-नाइट टेस्ट में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

\