राज्यसभा की 24 सीटों के लिए 19 जून को कराए जाएंगे चुनाव: निर्वाचन आयोग
निर्वाचन आयोग ने ऐलान किया कि 10 प्रदेशों में राज्यसभा की 24 सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराए जाएंगे. इनमें से 18 सीटें वो हैं जिनके लिए चुनाव कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिए गए थे. इन 18 सीटों में से चार-चार सीटें आंध्र प्रदेश और गुजरात से हैं.
नई दिल्ली, 2 जून: निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने सोमवार को ऐलान किया कि 10 प्रदेशों में राज्यसभा की 24 सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराए जाएंगे. इनमें से 18 सीटें वो हैं जिनके लिए चुनाव कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिए गए थे. इन 18 सीटों में से चार-चार सीटें आंध्र प्रदेश और गुजरात से हैं. इसके अलावा झारखंड (Jharkhand) की दो सीटें हैं जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान से तीन-तीन सीटें हैं. मणिपुर और मेघालय की एक-एक सीट के लिए भी चुनाव होंगे.
इसके साथ आयोग ने यह भी कहा कि 19 जून को कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में कुल छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे. कर्नाटक में चार और अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव होगा. कर्नाटक से जिन चार सदस्यों का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा है उनमें जनता दल (सेक्युलर) के कुपेंद्र रेड्डी, भाजपा के प्रभात कोरे और कांग्रेस के एमवी राजीव गौड़ा एवं बीके हरिप्रसाद शामिल हैं.
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आयोग के मुताबिक, इन सभी 24 सीटों पर मतों की गिनती 19 जून शाम को होगी. गत मार्च महीने में 18 सीटों के लिए चुनावों के स्थगन की घोषणा करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया था कि इन सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने समेत पूरी हुई सभी प्रक्रियाएं वैध रहेंगी. निर्वाचन आयोग ने कोरोना वायरस के खतरे का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित कर दिया था और कहा था कि इन सीटों के लिए चुनाव पर फैसला हालात की समीक्षा के बाद किया जाएगा.
छह राज्यों से 17 सदस्यों का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा हुआ, जबकि मेघालय से एक सदस्य का कार्यकाल 12 अप्रैल को पूरा हुआ था. संसद के ऊपरी सदन की 55 सीटों के लिए मूलत: 26 मार्च को चुनाव होना था, हालांकि 37 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए थे. आयोग के बयान के मुताबिक, उसने गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों सहित सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद चुनाव कराने का निर्णय लिया.
उसने यह फैसला भी किया कि राज्य के मुख्य सचिव एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती करेंगे जो यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव कराने के लिए इंतजाम किए जाते समय कोविड-19 से संबंधित निर्देशों का पालन हो. आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव के लिये पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इससे पहले, निर्वाचन सदन में करीब तीन महीने बाद सोमवार को पहली बार पूर्ण निर्वाचन आयोग की बैठक हुई.
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इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त शामिल थे. आयोग वीडियो लिंक के माध्यम से बैठकों का आयोजन कर रहा था, क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा मार्च के शुरुआत में अमेरिका की यात्रा पर गए थे और लॉकडाउन की वजह से वहीं फंस गए थे. अरोड़ा हाल में भारत लौटे हैं और सोमवार को दफ्तर आने से पहले अनिवार्य पृथक-वास में गए थे.
पिछले दिनों वीडियो लिंक से बैठक के जरिए महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव की इजाजत देने का अहम फैसला किया गया था, जिससे उद्धव ठाकरे के लिए मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के अंदर राज्य विधानमंडल का सदस्य बनने का रास्ता साफ हो गया था.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2020 10:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

