नयी दिल्ली, चार अप्रैल लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास तेज करते हुए निर्वाचन आयोग शुक्रवार को उन 11 राज्यों के नगर निगम आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ चर्चा करेगा, जहां पूर्व में कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया था।
उन ग्रामीण और शहरी दोनों संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की गई है जहां कम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया था।
अपनी तरह की इस अनूठी पहल में, आयोग सबसे कम मतदान प्रतिशत वाले 11 राज्यों के नगर निगम आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ चर्चा करेगा।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि बैठक में 19 अप्रैल से सात चरणों में शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदान बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार करेंगे और इसमें निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू भी मौजूद रहेंगे।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लक्षित 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, तेलंगाना, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और झारखंड शामिल हैं।
वर्ष 2019 के संसदीय चुनावों में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदान राष्ट्रीय औसत 67.40 प्रतिशत से कम था।
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