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सरकारी नौकरी लगाने का दिया झांसा, हजारों लोगों को ठगा, अब हुआ ये हाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्द्धमान जिले से, हजारों लोगों को सरकारी नौकरियां दिलाने का वादा करके उनसे ठगी करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सरकारी नौकरी लगाने का दिया झांसा, हजारों लोगों को ठगा, अब हुआ ये हाल

वर्द्धमान, सात जुलाई पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्द्धमान जिले से, हजारों लोगों को सरकारी नौकरियां दिलाने का वादा करके उनसे ठगी करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि राज्य के कम से कम 3,000 लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए। ‘फ्यूचर इंडिया’ नाम की कंपनी ने उम्मीदवारों को राजमार्गों की सुरक्षा के लिए सरकारी नौकरियां दिलाने का वादा करके उनसे 55,000 रुपये से एक लाख रुपये तक लिए।

उन्होंने बताया कि आरोपी उम्मीदवारों का भरोसा हासिल करने के लिए उन्हें सड़क सुरक्षा पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कथित हस्ताक्षर वाले कुछ दस्तावेज दिखा देते थे। उत्तर 24 परगना जिले में निम्ता पुलिस थाने इलाके के बिरति में स्थित कंपनी के मुख्यालय में सड़क सुरक्षा पर प्रशिक्षण भी दिया जाता था।

सोमवार की रात को कंपनी के आठ अधिकारी संभाावित उम्मीदवारों से अनुबंध पर हस्ताक्षर कराने के लिए मेमारी पुलिस थाने के पालासित में एक रेस्त्रां में एकत्रित हुए। पुलिस ने बताया कि इलाके में उनके होने की बात पता चलने पर हुगली और पश्चिम वर्द्धमान जिलों के पहले ठगे जा चुके लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। झगड़ा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक कार, 1.10 लाख रुपये नकद, दो रजिस्टर, दो पेनड्राइव, सात मोबाइल फोन और ठगे गए लोगों की एक सूची बरामद की गई। गिरफ्तार लोगों की पहचान मिहिर कुमार दास, अली हुसैन, हसीबुल रहमान, अबुल बासद, रियाजुल इस्लाम, इब्राहिम शेख, शम्शुल आलम शेख और मलय कर्माकर के रूप में हुई है। मलय हुगली जिले के सिंगुर का रहने वाला है जबकि बाकी आरोपी मुर्शिदाबाद जिले के अलग-अलग इलाकों के हैं।

मंगलवार को अदालत में पेश करने पर मिहिर, मलय और अबुल को पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया जबकि बाकी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत 11 जुलाई को मामले पर सुनवाई करेगी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि और लोगों के इस गिरोह से जुड़े होने का संदेह है। पूरी प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी उम्मीदवारों को भर्ती होने से पहले चिकित्सा जांच के लिए कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भी लेकर जाते थे। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस गिरोह से जुड़ा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2021 11:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).