देश की खबरें | केवल भारत में निर्मित उत्पादों का उपयोग करने और आयात को शून्य तक ले जाने के प्रयास जारी: रेलवे बोर्ड
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नयी दिल्ली, 19 जून रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने शुक्रवार को कहा रेलवे केवल भारत में निर्मित उत्पादों का उपयोग करने और आयात को शून्य तक ले जाने के लिये प्रयासरत है।

रेलवे ने बृहस्पतिवार को चीन की एक कंपनी का अनुबंध रद्द करने का फैसला लिया था, जिसके बाद यादव का यह बयान आया है।

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यादव ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह भी कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं कि रेलवे द्वारा निर्मित उत्पादों का निर्यात किया जाए।

यादव से जब पूछा गया कि क्या रेलवे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये लगाई जाने वाली बोलियों में चीनी कंपनियों के शामिल होने पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि रेलवे की निविदाओं में अधिकतर घरेलू कंपनियों को आमंत्रित किया जाता है।

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उन्होंने कहा कि बीते दो-तीन साल से रेलवे ने उत्पादों के आयात में कमी लाने के लिये कई कदम उठाएं हैं।

यादव ने कहा, ''हमने मेक इन इंडिया नीति लागू की है। हमारी सिग्नल प्रणाली, निविदा शुरू करने की नीति, इसके उदाहरण हैं। हमारे यहां मेक इन इंडिया के तहत 70 प्रतिशत से अधिक काम किये गए हैं।''

उन्होंने कहा कि हम भारत में बने उत्पाद का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करना चाहते हैं। हम रेलवे द्वारा निर्मित उत्पादों का निर्यात भी करने का भी प्रयास कर रहे हैं।

रेलवे ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उसने कानपुर और मुगलसराय के बीच 417 किलोमीटर लंबे खंड पर सिग्नल व दूरसंचार के काम में धीमी प्रगति के कारण चीन की एक कंपनी का ठेका रद्द करने का निर्णय लिया है।

रेलवे ने कहा था कि कंपनी को 2019 तक काम पूरा कर लेना था, लेकिन अभी तक वह सिर्फ 20 प्रतिशत ही काम कर पायी है।

रेलवे ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब सोमवार को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद होने के बाद देशभर में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग उठ रही है।

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