ताजा खबरें | अंतिम लाभार्थी को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न सुनिश्चित करने के लिये कारगर निरीक्षण हो : समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने भारत जैसे विशाल देश में खाद्यान्नों के खराब होने के कारण अत्यधिक भंडारण से नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतिम लाभार्थी को खाद्यान्न की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये इसके निरीक्षण और नमूने के विश्लेषण की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और चूककर्ताओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
नयी दिल्ली, 19 जुलाई संसद की एक समिति ने भारत जैसे विशाल देश में खाद्यान्नों के खराब होने के कारण अत्यधिक भंडारण से नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतिम लाभार्थी को खाद्यान्न की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये इसके निरीक्षण और नमूने के विश्लेषण की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और चूककर्ताओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
लोकसभा में मंगलवार को पेश उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधी संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने नोट किया है कि गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठों (क्यूसीसी) के अधिकारियों द्वारा खाद्य भंडारण डिपो (एफएसडी) और उचित दर की दुकानों (एफएफपीएसएस) के निरीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता आश्वासनों के लिये खाद्यान्न का निरीक्षण किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पाया गया है कि वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के दौरान खाद्य भंडारण डिपो में गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठों द्वारा किये गए निरीक्षण की संख्या क्रमश: 1159, 940 और 641 थी जबकि इन वर्षों में लक्ष्य 1140, 1140 और 1040 था।
इसमें कहा गया है कि कोविड महामारी/राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा सका।
समिति ने इस बात पर निराशा जताई कि वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के दौरान उचित दर की दुकानों के निरीक्षण का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। इन तीन वर्षों में गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठों (क्यूसीसी) द्वारा एकत्र किये गए और परीक्षण किये गए खाद्यान्न नमूनों (गेहूं/चावल) की संख्या क्रमश: 3888, 2833 और 2855 थी।
रिपोर्ट के अनुसार समिति ने इस बात का संज्ञान लिया कि बुनियादी ढांचे से जुड़ी विभिन्न कमियों और निरीक्षण के दौरान पाए गए तकनीकी पहलुओं से जुड़ी कमियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए जो खाद्यान्न की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।
रिपोर्ट के अनुसार समिति ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में खाद्यान्नों के खराब होने के कारण भंडारण नुकसान बहुत अधिक होता है, ऐसे में अंतिम लाभार्थी को खाद्यान्न की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये निरीक्षण और नमूने के विश्लेषण की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और चूककर्ताओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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