जरुरी जानकारी | ईईएसएल का संयुक्त उद्यम ब्रिटेन में सबसे तेजी से वृद्धि दर्ज करने वाली भारतीय कंपनी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज़ लिमिटेड (ईईएसएल) की संयुक्‍त उद्यम कंपनी एनर्जीप्रो एसेट्स लिमिटेड (ईपीएएल) ब्रिटेन में सबसे तेजी से विकास करने वाली भारतीय कंपनी के रूप में उभरी है।

नयी दिल्ली, दो जून ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज़ लिमिटेड (ईईएसएल) की संयुक्‍त उद्यम कंपनी एनर्जीप्रो एसेट्स लिमिटेड (ईपीएएल) ब्रिटेन में सबसे तेजी से विकास करने वाली भारतीय कंपनी के रूप में उभरी है।

बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली ईईएसएल ने सोमवार को बयान में कहा कि कंपनी ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) तथा ग्रांट थॉर्नटन द्वारा विकसित ‘इंडिया मीट्स ब्रिटेन ट्रैकर 2020’ में ब्रिटेन में सबस तेजी से बढ़ने वाली भारतीय कंपनी का दर्जा हासिल किया है।

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बयान के अनुसार ग्रांट थॉर्नटन एंड सीआईआई द्वारा 842 भारतीय-ब्रिटिश कंपनियों के बीच कामकाज को लेकर किये गये सर्वे में ईईएसएल और ब्रिटेन की कंपनी एनर्जीप्रो एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड (ईपीएएम) की संयुक्‍त उद्यम कंपनी शीर्ष स्थान पर रही।

ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने इस बारे में कहा, ‘‘ईपीएएल के रूप में हमने एक ऐसे वैश्विक ब्रांड को स्‍थापित किया है जो स्‍थानीय कारोबारों को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप है।’’

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उन्होंने कहा, ‘ईपीएएल की कामयाबी वास्‍तव में, ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख की सूचक है। इसमें भारत एवं ब्रिटेन के बीच प्रौद्योगिकी के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान का भी योगदान है...।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘ईपीएएल ने ब्रिटेन में एनर्जी सर्विस कंपनी (ईएससीओ) के परिचालनों का अधिग्रहण तथा कनाडा के ग्रिड स्‍केल बैटरी प्रोजेक्‍ट की हिस्‍सेदारी हासिल कर अपना सफर शुरू किया था। तब से अब तक कंपनी ब्रिटेन में 633 करोड़ रु का निवेश कर चुकी है।’’

वर्ष 2017 में गठित ईपीएएल के सफर में 2018 में उल्‍लेखनीय मोड़ आया जब उसने कंबाइंड, हीट एंड पावर (सीएचपी) समाधान के क्षेत्र में ब्रिटेन की महत्वपूर्ण कंपनी एडिना का अधिग्रहण किया।

इस अधिग्रहण के चलते भारत में 1000 करोड़ रुपये मूल्‍य की 100 मैगावाट क्षमता वाली ट्राइजेनरेशन परियोजनाओं को साकार रूप दिया जा सका है जो कि देश में टिकाऊ ‘कूलिंग’ समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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