नयी दिल्ली, 25 अगस्त अमेरिका के पर्यावरण रक्षा कोष (ईडीएफ) ने शुक्रवार को भारत में बना ओपन-सोर्स ऊर्जा मॉडल 'इंडियन जीरो कार्बन एनर्जी पाथवेज (आईडीईईए)' पेश किया। इससे भारत को कार्बन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
यह ऊर्जा मॉडल उपभोक्ताओं को कार्बन खपत कम करने के कई विकल्प देता है।
ईडीएफ ने एक बयान में कहा कि उसने इस मॉडल को विकसित करने वाले आईआईएससी (बेंगलुरु) और यादवपुर विश्वविद्यालय (कोलकाता) के वैज्ञानिकों तथा शोधकर्ताओं को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी।
बयान के मुताबिक, ''अमेरिका स्थित पर्यावरण रक्षा कोष (ईडीएफ) ने आज भारत में बने ओपन-सोर्स ऊर्जा मॉडल 'इंडियन जीरो कार्बन एनर्जी पाथवेज (आईडीईईए)' पेश किया।''
बयान में आगे कहा गया कि भारत की ऊर्जा प्रणाली पारंपरिक ईंधन से ऐसी प्रणाली में बदल रही है, जहां आधी ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है।
भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के मुख्य अनुसंधान वैज्ञानिक प्रोफेसर बालचंद्र पाटिल ने कहा कि भारत में आईडीईईए जैसे ऊर्जा मॉडलों की संख्या को बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि आपूर्ति में बहुत अंतर है।
यादवपुर विश्वविद्यालय के वैश्विक परिवर्तन कार्यक्रम की संस्थापक सलाहकार प्रोफेसर जयश्री रॉय ने कहा, ''ओपन-सोर्स मॉडल आईडीईईए उपभोक्ताओं को कार्बन की खपत कम करने के कई विकल्प सुझा सकता है। अगर भारत को अपने कार्बन-तटस्थ लक्ष्यों को हासिल करना है तो सरकार और उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत है।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY