देश की खबरें | धनशोधन मामले में ईडी ने मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति की संपत्ति जब्त की

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नयी दिल्ली, छह दिसंबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े धनशोधन के मामले की जांच के तहत बिहार में मगध विश्वविद्यालय के एक पूर्व कुलपति की संपत्तियों को जब्त किया है।

यह कार्रवाई बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ की गई है।

केंद्रीय एजेंसी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि 64.53 लाख रुपये की अचल संपत्ति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के परिवार के सदस्यों और परिवार के स्वामित्व वाले ट्रस्ट के नाम पर है। यह संपत्ति उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के धनघटा में स्थित है।

धनशोधन का मामला बिहार की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) की एक प्राथमिकी से उपजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर रहते हुए प्रसाद ने दूसरों के साथ आपराधिक साजिश रची और ओएमआर शीट और अन्य गोपनीय दस्तावेजों की छपाई की प्रक्रिया में राज्य सरकार को ‘धोखा’ दिया।

ईडी ने कहा कि प्रसाद के परिसरों की तलाशी ली गई और 1.84 करोड़ रुपये नकद जब्त किए और उनके बैंक खातों में 90.79 लाख रुपये की धनराशि के लेन-देन पर रोक लगा दी गई।

ईडी की जांच में पाया गया कि सितंबर 2019 से नवंबर 2021 तक, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ‘अपराध की आय का इस्तेमाल अपने बेटे डॉ. अशोक कुमार और आरपी कॉलेज के नाम पर पांच संपत्तियों को नकद में हासिल करने के लिए किया। आरपी कॉलेज का संचालन उनके भाई अवधेश प्रसाद करते हैं।’’

ईडी ने दावा किया कि आर पी कॉलेज के नाम पर हासिल की गई संपत्तियों को परिवार के स्वामित्व वाली प्यारी देवी मेमोरियल वेलफेयर ट्रस्ट को पट्टे पर हस्तांतरित कर दिया गया है।

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