Sheep Distribution Scam: ईडी ने तेलंगाना में भेड़ वितरण ‘घोटाले’ के सिलसिले में हैदराबाद में कई स्थानों पर छापेमारी की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये के भेड़ पालन एवं वितरण ‘‘घोटाले’’ से जुड़े धनशोधन के मामले की जांच के तहत हैदराबाद में कई स्थानों पर बुधवार को छापेमारी की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.
हैदाराबाद, 31 जुलाई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये के भेड़ पालन एवं वितरण ‘‘घोटाले’’ से जुड़े धनशोधन के मामले की जांच के तहत हैदराबाद में कई स्थानों पर बुधवार को छापेमारी की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पिछली सरकार के दौरान यह कथित घोटाला हुआ था. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बीआरएस के पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव के ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) जी. कल्याण के अलावा घोटाले में शामिल लाभार्थियों और कथित बिचौलियों से जुड़े कम से कम आठ स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी ली गई. यह जांच दिसंबर 2023 में तेलंगाना पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की प्राथमिकी पर आधारित है. एसीबी ने इस सिलसिले में फरवरी 2024 में चार सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया था.
तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार द्वारा अप्रैल 2017 में भेड़ पालन विकास योजना (एसआरडीएस) को राज्य में चरवाहा परिवारों को स्थायी आजीविका प्रदान करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था. सूत्रों ने बताया कि ईडी ने पाया है कि प्राथमिकी में उक्त अपराध से केवल 2.1 करोड़ रुपये कमाए जाने की बात का जिक्र है, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में इस घोटाले से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान बताया गया है. सूत्रों ने कहा, ‘‘मार्च-2021 को समाप्त अवधि के लिए कैग ऑडिट रिपोर्ट में भेड़ पालन विकास योजना (एसआरडीएस) के कार्यान्वयन में कई ‘अनियमितताओं’ का खुलासा हुआ, जैसे लाभार्थियों के विवरण का उचित रखरखाव न होना, परिवहन चालान और भुगतान से संबंधित चालानों का अनुचित रिकॉर्ड, नकली/यात्री वाहनों/गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण नंबर वाले बिलों के आधार पर भुगतान, भेड़ इकाइयों को नकली ‘टैग’ आवंटित करना जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं.’’ यह भी पढ़ें : Mumbai International Airport: मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, 8 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, 4 गिरफ्तार
ईडी मृत/अस्तित्वहीन व्यक्तियों को आवंटित भेड़ इकाइयों से संबंधित आरोपों की भी जांच कर रही है. ईडी ने पाया कि कैग की ऑडिट रिपोर्ट केवल सात जिलों (तेलंगाना के 33 में से) तक सीमित है, जिसमें पता चला कि राज्य सरकार को अनुमानित 253.93 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सूत्रों ने बताया कि तेलंगाना के सभी 33 जिलों के लिए आनुपातिक आधार पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि ईडी इन आरोपों की जांच कर रही है और जांच के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2025 08:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

