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देश की खबरें | ईडी ने सहकारी बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामले में पहली बार अंडमान और निकोबार में छापे मारे

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देश की खबरें | ईडी ने सहकारी बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामले में पहली बार अंडमान और निकोबार में छापे मारे

पोर्ट ब्लेयर/नयी दिल्ली, 31 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक पूर्व कांग्रेस सांसद से जुड़े कथित सहकारी बैंक कर्ज ‘धोखाधड़ी’ से जुड़ी धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार को पहली बार इस केंद्र शासित प्रदेश में छापे मारे।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पोर्ट ब्लेयर और उसके आसपास के नौ स्थानों और कोलकाता में दो जगहों पर छापेमारी की।

उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब एजेंसी ने बंगाल की खाड़ी में स्थित इस केंद्र शासित प्रदेश में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत छापेमारी की है।

यह मामला अंडमान निकोबार राज्य सहकारी बैंक (एएनएससीबी) और उसके पूर्व उपाध्यक्ष कुलदीप राय शर्मा से संबंधित है। कांग्रेस नेता शर्मा (57) इस केंद्र शासित प्रदेश के पूर्व सांसद (2019-24) हैं।

अंडमान और निकोबार पुलिस ने मामले की जांच के सिलसिले में एक स्थानीय अस्पताल से 18 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था। पोर्ट ब्लेयर में एक अदालत ने उन्हें 29 जुलाई को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

पुलिस ने इस मामले में बैंक के एक प्रबंध निदेशक और कर्मचारी समेत सात अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

धन शोधन का यह मामला अंडमान निकोबार पुलिस की अपराध एवं आर्थिक अपराध शाखा की 15 मई को दर्ज एक प्राथमिकी से उपजा है।

सूत्रों ने दावा किया कि एजेंसी को कुछ दस्तावेज मिले हैं जो एएनएससी बैंक द्वारा ऋण सुविधाएं प्रदान करने में ‘‘बड़े पैमाने पर’’ अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। कांग्रेस के पूर्व सांसद शर्मा की भूमिका भी ईडी की जांच के दायरे में है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शर्मा को लाभ पहुंचाने के लिए संदिग्धों द्वारा लगभग 15 संस्थाओं/कंपनियों का एक समूह बनाया गया और इन संस्थाओं द्वारा एएनएससीबी से धोखाधड़ी कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण सुविधाएं ली गईं।

सूत्रों ने बताया कि एकत्र किए गए दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि बैंक की निर्धारित प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों की अनदेखी करके विभिन्न मुखौटा कंपनियों को ऋण सुविधाएं दी गईं।

सूत्रों ने दावा किया कि इन ऋणों का एक ‘‘बड़ा’’ हिस्सा नकदी के रूप में निकाला गया और शर्मा सहित अन्य लाभार्थियों को दे दिया गया।

इस महीने की शुरुआत में, कांग्रेस सांसद और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के पार्टी प्रभारी मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया था कि कथित घोटाले की जांच पार्टी को बदनाम करने के लिए राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का बैंक के मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस प्राथमिकी में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें कुछ कथित लाभार्थियों के अलावा बैंक के पूर्व बोर्ड सदस्य और निदेशक शामिल हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2025 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).