देश की खबरें | केरल में कंडाला सेवा सहकारी बैंक पर ईडी की छापेमारी जारी, भाकपा ने स्थानीय नेता को निष्कासित किया

तिरुवनंतपुरम, नौ नवंबर दक्षिणी केरल जिले में स्थित एक सहकारी बैंक पर कल शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी एक दिन बाद बृहस्पतिवार को भी जारी रही।

ईडी ने यहां कट्टाकड़ा के पास कंडाला सेवा सहकारी बैंक और बैंक के पूर्व अध्यक्ष तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के स्थानीय नेता एन.बासूरंगन के आवासों सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की।

छापेमारी के बीच बासूरंगन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।

पार्टी की तिरुवनंतपुरम जिला समिति के एक सदस्य ने बासूरंगन को निष्कासित किए जाने की जानकारी मीडिया को दी।

पार्टी की जिला समिति के सदस्य ने बताया कि भाकपा ने अतीत में भी बासूरंगन के खिलाफ कार्रवाई की थी।

बासूरंगन को केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ) के प्रशासनिक समिति के संयोजक पद से भी हटा दिया गया है। केसीएमएमएफ मिलमा के नाम पर उत्पाद बेचती है।

मिलमा से बासूरंगन को निकाले जाने की घोषणा राज्य की पशुपालन, डेयरी विकास और दुग्ध सहकारिता मंत्री जे. चिंचू रानी ने की।

इस बीच, सहकारिता एवं पंजीकरण राज्य मंत्री वी.एन. वासवन ने ईडी की कार्रवाई को वही पुरानी प्रक्रिया बताया।

उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा बैंक में कथित अनियमितताओं का पता चलने के बाद ही ईडी ने मामले में उचित कार्रवाई की और पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की। उन्होंने कहा, ''इसमें कुछ भी नया नहीं है। ईडी देश भर के उन सैकड़ों बैंकों के पीछे क्यों नहीं जा रही है जिनके लाइसेंस कथित अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिए गए हैं? यह (ईडी की छापेमारी) स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित कार्रवाई है।''

छापेमारी के बीच बासूरंगन को बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उन्हें फिलहाल यहां एक निजी अस्पताल के कार्डियक आईसीयू में भर्ती किया गया है।

ईडी ने बैंक में कई करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद छापेमारी शुरू की, जिसे 24 से ज्यादा घंटे बीत चुके हैं। बैंक के पूर्व अध्यक्ष और कुछ अन्य अधिकारी जांच के दायरे में हैं।

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