देश की खबरें | ईडी ने ‘खिचड़ी’ घोटाला मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता अमोल कीर्तिकर से आठ घंटे तक पूछताछ की

मुंबई, आठ अप्रैल प्रवर्तन निदेशालय ने कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबई नगर निकाय द्वारा खिचड़ी के वितरण में कथित अनियमितताओं के संबंध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता अमोल कीर्तिकर से सोमवार को करीब आठ घंटे तक पूछताछ की।

एक अधिकारी ने बताया कि उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के मुंबई उत्तरपश्चिम लोकसभा सीट से प्रत्याशी कीर्तिकर पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे दक्षिण मुंबई में उसके कार्यालय में एजेंसी के समक्ष पेश हुए।

वह शाम सात बजे के बाद ईडी कार्यालय से निकले।

कीर्तिकर ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने ईडी अधिकारियों द्वारा पूछे सभी सवालों का जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सभी दस्तावेज जमा करा दिए हैं और उनके द्वारा पूछे सभी सवालों का जवाब दे दिया है।’’

कीर्तिकर ने कहा कि वह जांच में एजेंसी का सहयोग कर रहे हैं और करते रहेंगे।

इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के कई कार्यकर्ताओं ने कीर्तिकर के समर्थन में ईडी के कार्यालय के बाहर उसके खिलाफ नारे लगाए।

कीर्तिकर 27 मार्च को संघीय धन शोधन रोधी एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए थे और उन्होंने अपने वकील के जरिए कुछ वक्त मांगा था।

धन शोधन का यह मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी से निकला है।

पुलिस के अनुसार, कथित अनियमितताएं महामारी के दौरान प्रवासियों को ‘खिचड़ी’ उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी द्वारा ठेके देते वक्त हुई।

ईडी ने इस मामले में जनवरी में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सहायक सूरज चह्वाण को गिरफ्तार किया था।

इस बीच, निष्कासित कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत खिचड़ी घोटाले के ‘‘सरगना’’ थे।

इस पर राउत की टिप्पणी नहीं मिल पायी है।

निरुपम ने आरोप लगाया, ‘‘राउत ने अपनी बेटी और भाई के नाम पर एक चेक के जरिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली। वह खिचड़ी घोटाले का सरगना है।’’

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