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देश की खबरें | ईडी ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दायर किया, 74.39 करोड़ रुपये की सम्पत्ति कुर्क की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में सोमवार को रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष अपना पहला आरोपपत्र दायर किया। ईडी ने इस मामले में अब तक आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

देश की खबरें | ईडी ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दायर किया, 74.39 करोड़ रुपये की सम्पत्ति कुर्क की

रांची/नयी दिल्ली, 12 जून प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड भूमि धोखाधड़ी मामले में सोमवार को रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष अपना पहला आरोपपत्र दायर किया। ईडी ने इस मामले में अब तक आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

संघीय एजेंसी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने मामले के संबंध में 74.39 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक मूल्य वाले दो भूखंड भी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किये हैं।

इनमें से 4.55 एकड़ का एक भूखंड राज्य की राजधानी रांची के बरियातू क्षेत्र में स्थित है (वाणिज्यिक मूल्य 41.51 करोड़ रुपये), 7.16 एकड़ की दूसरी अचल संपत्ति शहर के बाजरा क्षेत्र (वाणिज्यिक मूल्य 32.87 करोड़ रुपये) में स्थित है।

ईडी ने कहा, ‘‘इन भूखंडों का दाखिल खारिज भू राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भू-माफियाओं के पक्ष में फर्जी तरीके से किया गया है। पहला भूखंड पहले सेना के नाम पर था।’’

उसने कहा कि अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) 12 जून को दायर किया गया।

एजेंसी ने 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रंजन सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पहले राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्य किया है।

इस मामले में भू-राजस्व विभाग के एक पूर्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

धनशोधन का मामला रांची नगर निगम की एक शिकायत के आधार पर प्रदीप बागची के खिलाफ राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी से उपजा है।

ईडी ने कहा कि कथित धोखाधड़ी "भूमाफिया रैकेट" से संबंधित है, जो झारखंड में सक्रिय है और जो कोलकाता और रांची में "विरासत रिकॉर्ड की जालसाजी" करता था।

एजेंसी का आरोप है कि फर्जी जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर इस तरह के भूखंड दूसरे लोगों को बेचे गए।

ईडी ने कहा कि जांच के हिस्से के रूप में उसके द्वारा कुल 41 छापेमारी और पांच सर्वेक्षण किए गए और उसके अधिकारियों ने भू-राजस्व विभाग की "जाली" मुहर, भूमि के दस्तावेज, "अपराध की आय" के वितरण के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। उसने कहा किा साथ ही इस कथित जालसाजी को दर्शाने वाली कुछ तस्वीरों के अलावा, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के "सबूत" आदि भी मिले हैं।

एजेंसी ने कहा कि उसने प्रसाद के खिलाफ मिले सबूतों को झारखंड सरकार के साथ भी साझा किया है और रांची पुलिस ने उसके आधार पर राज्य सरकार के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

उसने कहा कि एक फोरेंसिक जांच से रिकॉर्ड में जालसाजी "साबित" हुआ और ईडी द्वारा एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर, रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस, कोलकाता ने हरे स्ट्रीट पुलिस थाना (कोलकाता) में एक प्राथमिकी दर्ज करायी और इस शिकायत को "व्यापक जांच" के लिए धनशोधन मामले के साथ ‘‘जोड़’’ दिया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2023 08:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).