नयी दिल्ली, एक अप्रैल कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में धनशोधन निरोधक कानून के तहत ‘लखानी इंडिया लिमिटेड’ जूता कंपनी की 110 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संघीय जांच एजेंसी (ईडी) ने एक बयान में कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ‘लखानी इंडिया लिमिटेड’ और इस समूह की अधीनस्थ कंपनियों - ‘लखानी रबर उद्योग प्राइवेट लिमिटेड’, ‘लखानी अपैरल प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ-साथ उनके प्रवर्तकों-- पी डी लखानी और सुमन लखानी के खिलाफ जांच, विभिन्न बैंकों के विरूद्ध आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों पर 2021 और 2023 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी पर आधारित है।
लखानी इंडिया लिमिटेड और इस समूह की कंपनियों ने साथ मिलकर समूह की अन्य कंपनियों में ‘पैसे भेजकर’ और ‘हेराफेरी’ कर इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और इलाहाबाद बैंक के साथ धोखाधड़ी की, जिसके परिणामस्वरूप 162 करोड़ रुपये की ‘ठगी’ हुई।
कंपनियों या उनके प्रवर्तकों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए तत्काल संपर्क नहीं किया जा सका।
ईडी ने बयान में कहा, ‘‘शिकायतकर्ता बैंकों द्वारा वितरित व्यवसाय/पूंजी ऋण और ऋण सुविधाओं में से, लखानी समूह ने प्रवर्तकों के निर्देश पर, संबंधित पक्षों को घाटे पर बिक्री की, सहयोगी कंपनियों के ऋण चुकाए, निदेशकों को असामान्य ब्याज भुगतान किया ।’’
बयान में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में 20 एकड़ से अधिक के पांच वाणिज्यिक भूखंड, दो एकड़ का एक फार्महाउस और एक वाणिज्यिक फ्लैट-सह-कार्यालय को पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
ईडी ने कहा कि इन संपत्तियों की कीमत 110 करोड़ रुपये से अधिक है।
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