चेन्नई, 28 जुलाई जी20 पर्यावरण एवं जलवायु स्थिरता (ईसीएस) कार्यसमूह और पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रियों की चौथी एवं अंतिम बैठक शुक्रवार को यहां समाप्त हो गई। इस बैठक में एक टिकाऊ और लचीली महासागार आधारित अर्थव्यवस्था से संबंधित एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि ईसीएस कार्यसमूह ने पर्यावरण एवं स्थिरता के महत्वपूर्ण स्तंभों को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर की आम सहमति पर पहुंचकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
भारत की जी20 अध्यक्षता में अर्थव्यवस्था, भूमि और जैव विविधता, जल संसाधन प्रबंधन, संसाधन दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रस्तावों पर सहमति जताई।
मंत्री ने बैठक के समापन पर संवाददाताओं से कहा कि जी20 देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और पेरिस समझौते के सभी पहलुओं पर महत्वाकांक्षी कार्रवाई में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका की बात दोहराई।
मंत्री ने कहा कि जी20 चर्चा में पहली बार पारिस्थितिक बहाली, समुद्री स्थानिक योजना और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से बात हुई और भारत की अध्यक्षता के तहत उद्योग-आधारित संसाधन दक्षता एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था उद्योग गठबंधन (आरईसीईआईसी) की शुरुआत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
उन्होंने यूरोपीय संघ के आयुक्त और फ्रांस, कनाडा, इटली, डेनमार्क, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों की उपस्थिति में गठबंधन की शुरुआत की।
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