जरुरी जानकारी | जुर्माने से बचने के लिए अक्टूबर में हुई बी2बी बिक्री के ई-इनवॉयस एक माह में बनाने होंगे: सीबीआईसी

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नयी दिल्ली, 30 सितंबर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को कहा बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) सौदों की अक्टूबर महीने में की गयी बिक्री के लिए एक माह के भीतर ई-इनवॉयस (बिल) बनाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर उनपर जुर्माना लगाया जाएगा।

माल एवं सेवाकर (जीएसटी) कानून के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाली कंपनियों को एक अक्टूबर से बी2बी लेनदेन पर इलेक्ट्रानिक बिल (ई-इनवॉयस) बनाना होगा।

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सीबीआईसी ने कहा कि इस संबंध में पहली अधिसूचना जारी करने के नौ महीने बाद भी कुछ कारोबार अभी तक इसके लिए तैयार नहीं हुए।

बोर्ड ने कहा कि ई-इनवॉयस प्रणाली को लागू करने के शुरुआती चरण में आखिरी मौका देते यह निर्णय किया गया है कि ऐसे करदाताओं द्वारा अक्टूबर 2020 के दौरान निर्धारित तौर तरीके का पालन करे बिना भी जारी किए जाने वाले इनवॉयस को मान्यता दी जानी चाहिए और नियमों का पालन नहीं करने के चलते उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

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करदाताओं को इस जुर्माने से तभी छूट मिलेगी जब वह 30 दिन के भीतर संबंधित इनवॉयस के लिए ई-इनवॉयस बना लेंगे और इसके लिये इनवायस रेफ्रेंरेंस पोर्टल (आईआरपी) से उसका संदर्भ नंबर प्राप्त कर लेंगे। यह काम उस बिल के 30 दिन के भीतर होना चाहिये।

सीबीआईसी ने उदाहरण देते हुये कहा कि माना कि एक व्यक्ति ने 3 अक्टूबर 2020 को बिना इनवायस रेफ्रेंरेंस नंबर (आईआरएन) के बिल जारी किया लेकिन इस बिल का ब्योरा इनवायस रेफ्रेंरस पोर्टल (आईआरपी) पर 2 नवंबर 2020 को अथवा उससे पहले डाल दिया, ऐसी स्थिति में जुर्माना नहीं लिया जायेगा। इसमें कहा गया है कि एक नवंबर 2020 के बाद इस तरह की राहत नहीं दी जायेगी और बिना ई- इनवायस के बिल जारी होने पर उसे केन्द्रीय जीएसटी नियमन 2017 के नियम 48 (4) का उल्लंघन माना जायेगा और इस उल्लंघन के लिये सीजीएसटी कानून के नियमों को लागू किया जायेगा।

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