नयी दिल्ली, 22 सितंबर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में छात्र शुक्रवार को मतदान केंद्र पहुंचे। यह चुनाव तीन साल के अंतराल के बाद हो रहा है।
इस बार छात्र संघ के चुनाव मैदान में 24 उम्मीदवार हैं। दिन की पाली के छात्रों के लिए मतदान का समय अपराह्न एक बजे तक था, जबकि सायं पाली के छात्र अपराह्न तीन बजे से शाम साढ़े सात बजे तक मतदान कर सकेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समर्थित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी लेनिनवादी (लिबरेशन) से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने सभी चार पदों के लिए उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।
डूसू के अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी उम्मीदवार तुषार डेढ़ा ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘छात्र बड़ी संख्या में आ रहे हैं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि अधिकतर वोट एबीवीपी उम्मीदवारों के पक्ष में पड़ेंगे। मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी छात्रों से अपील करता हूं कि वे चुनाव प्रक्रिया में शांति बनाए रखें और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।’’
डेढ़ा ने वर्ष 2016 में सत्यवती कॉलेज में महाविद्यालय सांस्कृतिक समन्वयक का चुनाव जीता था। वह डूसू में कार्यकारी परिषद के सदस्य भी थे।
एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुशांत धनखड़ ने कहा कि वह ‘‘छात्र समुदाय की बेहतरी के लिए काम करेंगे।’’
धनखड़ ने कहा, ‘‘कई छात्र संभवत: पहली बार डूसू चुनाव में मतदान कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने पिछले चार साल में एबीवीपी के नेतृत्व वाले डूसू का सकारात्मक और रचनात्मक कार्य देखा है। हर वोट दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रतिनिधित्व का भाग्य बदल सकता है। इसलिए उन्हें निश्चित रूप से अपने इस अधिकार का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना चाहिए।’’
मतगणना शनिवार को होगी।
डूसू चुनाव इससे पहले 2019 में हुए थे। कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में चुनाव नहीं कराए जा सके थे, जबकि शैक्षणिक कैलेंडर में संभावित व्यवधानों के कारण 2022 में इसका आयोजन नहीं हो सका।
आइसा की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार आयशा अहमद खान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छात्र इस चुनाव में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) के खिलाफ मतदान करेंगे।
आइसा की ओर से डूसू उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनुष्का चौधरी ने कहा कि फीस में बढ़ोतरी से निम्न मध्यम वर्गीय और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों पर बोझ बढ़ा है, जो एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर संगठन को ध्यान केंद्रित करना होगा।
इस बीच, कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेता एवं पूर्व एनएसयूआई सदस्य अली मेहदी जाकिर हुसैन कॉलेज पहुंचे और छात्रों से एनएसयूआई उम्मीदवारों के समर्थन में वोट देने की अपील की।
एसएफआई ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हैप्पी पोलिंग डे, डीयू। अपनी आदत बदलें। रिश्वत और हिंसा की राजनीति को खारिज करें। मेट्रो पास, सस्ती कैंटीन और छात्रावास के लिए मतदान करें। डूसू में आम आदमी का चुनाव करें। डूसू में एसएफआई को वोट दें।’’
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