देश की खबरें | डीयू के शिक्षकों के संगठन ने ‘तदर्थ शिक्षकों को हटाए जाने’ पर कुलपति को लिखा पत्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शिक्षकों के एक निकाय ने कॉलेज में काम कर रहे तदर्थ शिक्षकों को ‘‘बड़े पैमाने पर हटाए जाने’’ के खिलाफ कुलपति योगेश सिंह को पत्र लिखा है और न्याय की अपील की है।

नयी दिल्ली, 17 जनवरी दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शिक्षकों के एक निकाय ने कॉलेज में काम कर रहे तदर्थ शिक्षकों को ‘‘बड़े पैमाने पर हटाए जाने’’ के खिलाफ कुलपति योगेश सिंह को पत्र लिखा है और न्याय की अपील की है।

सिंह को लिखे पत्र में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने दावा किया कि हंसराज कॉलेज, रामजस कॉलेज और लक्ष्मीबाई कॉलेज जैसे कॉलेज में हटाए जाने की दर (खासकर जो लंबे समय से पढ़ा रहे हैं) 80 प्रतिशत से अधिक है।

इनमें नियमित चयन समितियों के माध्यम से नियुक्त अस्थायी शिक्षक भी शामिल हैं। डीयू के कॉलेज और विभागों में 4,500 से अधिक शिक्षक तदर्थ के रूप में काम करते हैं।

संगठन ने सिंह को अपने पत्र में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि डीयू के अकादमिक और प्रशासनिक प्रमुख के रूप में, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है कि इस तरह बड़े पैमाने पर तदर्थ शिक्षक नहीं हटाए जाएं और उस स्थिति पर रोक लगनी चाहिये, जिसकी वजह से आज तदर्थ शिक्षकों की आजीविका गंभीर संकट में है।’’

पत्र में कहा गया, ‘‘हम आपसे तुरंत हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं कि तदर्थ शिक्षकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के वास्ते कॉलेज से और शिक्षक ना हटाए जाएं। ऐसा नहीं करने से निश्चित रूप से विश्वविद्यालय में और अधिक अव्यवस्था पैदा होगी, जो पठन-पाठन प्रक्रिया को बाधित करेगी।’’

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने भी मूल रिक्तियों के संदर्भ में तदर्थ/अस्थायी शिक्षकों को समायोजित करने पर केंद्र से मंजूरी लेने के लिए संघर्ष शुरू किया है।

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