देश की खबरें | दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों में कथित ‘वित्तीय अनियमितताओं’ की जांच करेगी डीयू समिति

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों में कथित ‘‘वित्तीय अनियमितताओं’’ की जांच के लिए शुक्रवार को अपने कार्यकारी परिषद के सदस्यों की एक समिति गठित की। एक बयान के जरिए यह जानकारी दी गई।

यह घटनाक्रम दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी द्वारा केंद्र को लिखे एक पत्र में इन कॉलेजों में ‘‘सार्वजनिक कोष से करोड़ रुपये की अनियमितताओं और प्रक्रियात्मक खामियों’’ का मुद्दा उठाने के कुछ दिनों बाद आया है।

शुक्रवार को कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक के बाद विश्वविद्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार समिति 16 दिसंबर से अपना काम शुरू करेगी और उसे 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

इसके बाद रिपोर्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और दिल्ली सरकार को भेजी जाएगी। बयान में कहा गया है कि समिति बनाने का निर्णय ईसी की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

एक दर्जन कॉलेजों से संबंधित मुद्दे पर एक दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे अपने पत्र में आतिशी ने कहा था, ‘‘दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक कोष से करोड़ों रुपये की कई गंभीर अनियमितताओं और प्रक्रियात्मक खामियां देखी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि ये कॉलेज सीधे दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं इसलिए वे धन के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए दिल्ली सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।’’

दिल्ली के मंत्री ने यह भी सुझाव दिया था कि 12 कॉलेजों को विलय करके दिल्ली सरकार के अधीन लाया जा सकता है या केंद्र उनका पूरा नियंत्रण ले सकता है और उस स्थिति में दिल्ली सरकार उन्हें धन आवंटित करना बंद कर देगी।

विश्वविद्यालय की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद ने कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिसमें पटेल चेस्ट अस्पताल को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में बदलने के लिए मुखर्जी नगर में 12.76 एकड़ भूमि का आवंटन भी शामिल है।

ईसी के सदस्यों के समक्ष पेश किए गए प्रस्तावों पर 30 नवंबर को अकादमिक परिषद की बैठक के दौरान चर्चा की गई।

बयान में कहा गया है कि छात्रों को एक ही समय में दो शैक्षणिक डिग्री - एक नियमित मोड में और दूसरा ओपन लर्निंग मोड में - हासिल करने की इजाजत देने वाले दोहरे डिग्री कार्यक्रम के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

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