ताजा खबरें | सरकारी कदमों से बालिकाओं की ‘‘ड्रॉप आउट’’ दर में बहुत कमी आई : राष्ट्रपति मुर्मू

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि सरकार बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनके करियर तक हर बाधा को दूर करने का प्रयास कर रही है और ऐसे कदमों से बालिकाओं की ‘‘ड्रॉप आउट’’ दर में बहुत कमी आई है।

नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि सरकार बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनके करियर तक हर बाधा को दूर करने का प्रयास कर रही है और ऐसे कदमों से बालिकाओं की ‘‘ड्रॉप आउट’’ दर में बहुत कमी आई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनके करियर तक हर बाधा को दूर करने का प्रयास कर रही है। देश के सरकारी स्कूलों में बेटियों के लिए अलग शौचालयों का निर्माण हो या फिर सैनिटेरी पैड से जुड़ी योजना हो, इससे बेटियों की, स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने की दर में बहुत कमी आई है।’’

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं शुरु की गई हैं, उनके केंद्र में महिलाओं का जीवन आसान बनाना, महिलाओं को रोजगार-स्वरोजगार के नए अवसर देना और महिला सशक्तिकरण रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘महिला उत्थान में जहां पुरानी धारणाओं और पुरानी मान्यताओं को तोड़ना भी पड़ा, उससे भी सरकार पीछे नहीं हटी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता आज हम देख रहे हैं। सरकार के प्रयासों से समाज में जो चेतना आई, उससे बेटियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। देश में पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक हुई है एवं महिलाओं का स्वास्थ्य भी पहले के मुकाबले और बेहतर हुआ है।’’

राष्ट्रपति बजट सत्र के पहले दिन संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं।

मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान हो या फिर प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना हो, इनसे मां और बच्चे, दोनों के जीवन को बचाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की भी लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं ही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छ भारत अभियान से महिलाओं की गरिमा तो बढ़ी ही है, इससे एक सुरक्षित माहौल भी उन्हें मिला है। सुकन्या समृद्धि योजना से देशभर की करोड़ों बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए पहली बार बचत खाते (सेविंग अकाउंट) खुले हैं। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी बेटियों की शिक्षा के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी काम, किसी भी कार्यक्षेत्र में महिलाओं के लिए कोई बंदिश न हो और इसीलिए खनन से लेकर सेना में अग्रिम मोर्चों तक, हर क्षेत्र में महिलाओं की भर्ती को खोल दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘सैनिक स्कूलों से लेकर मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूलों तक में, अब हमारी बेटियां पढ़ाई और ट्रेनिंग कर रही हैं। यह मेरी सरकार ही है जिसने मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया है।’’

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