विदेश की खबरें | मॉस्को और कीव में ड्रोन हमले - नियमों के बिना हर क्षेत्र में बेरोक बढ़ रहा है इस छोटी मशीन का दखल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मेडफोर्ड, एक जून (द कन्वरसेशन) 30 मई 2023 की सुबह मॉस्को पर कम से कम आठ ड्रोन हमले हुए, जिसमें कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और नागरिक घायल हुए।
मेडफोर्ड, एक जून (द कन्वरसेशन) 30 मई 2023 की सुबह मॉस्को पर कम से कम आठ ड्रोन हमले हुए, जिसमें कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और नागरिक घायल हुए।
इससे पहले रूस ने यूक्रेन के आवासीय भवनों को निशाना बनाया, जिसमें नागरिकों की मौत हुई। यह मई के अंत में रूस और उक्रेन द्वारा एक दूसरे पर किए गए ड्रोन हमलों की लहर का हिस्सा थे।
हालांकि यूक्रेन ने कहा है कि वह मास्को पर हमलों के लिए ‘‘सीधे’’ जिम्मेदार नहीं है, रूस की सरकार ने हमलों को ‘‘आतंकवादी हमला’’ करार दिया है।
एक वर्ष से अधिक समय होने को आया, यूक्रेन में इन हवाई वाहनों के हमले दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं, जिन्हें ड्रोन के रूप में जाना जाता है, जो आकाश में डोलते रहते हैं, बेचैनी पैदा करते हैं और युद्ध में भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
रूस और यूक्रेन दोनों ही इस युद्ध में ड्रोन का उपयोग अन्य उद्देश्यों के साथ दूर से लक्ष्य का पता लगाने और बम गिराने के लिए कर रहे हैं।
आज, ड्रोन का उपयोग अन्य कई तरह के संघर्षों में किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग सामान पहुंचाने, मौसम का पता लगाने और ड्रोन के शौकिनों का मनोरंजन करने के लिए भी किया जाता है।
सैन्य ड्रोन छोटे उपभोक्ता क्वाडकोप्टर से लेकर दूरस्थ रूप से संचालित युद्धक विमानों तक होते हैं - और सभी प्रकार का उपयोग दुनिया भर की सेनाओं द्वारा किया जा रहा है।
सार्वजनिक कूटनीति और विदेश नीति के एक विद्वान - और सार्वजनिक कूटनीति और सार्वजनिक मामलों के लिए अमेरिका के पूर्व अवर सचिव - के रूप में मुझे पता है कि युद्ध, आतंकवाद और ड्रोन के आकस्मिक टकराव जोखिमों को देखते हुए दुनिया के लोगों के लिए ड्रोन और उनके प्रसार को समझना कितना महत्वपूर्ण है।
खरीदारी की होड़
संघर्ष के समय ड्रोन का उपयोग करने वाले 100 से अधिक देशों में अमेरिका शामिल है।
आतंकवादियों को ड्रोन तैनात करने के लिए भी जाना जाता है क्योंकि वे अपेक्षाकृत कम लागत वाले हथियार हैं जिनमें उच्च स्तर की नागरिक क्षति होती है।
उपभोक्ता ड्रोन शिपमेंट, विश्व स्तर पर, 2020 में 50 लाख यूनिट से ऊपर और 2025 तक 70 लाख से अधिक होने की उम्मीद है।
2021 से 2022 तक वैश्विक स्तर पर ड्रोन की बिक्री में 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पिछले कुछ वर्षों में ड्रोन की खरीद में घातक वृद्धि हुई है और इसकी एक वजह इसके खरीदारों के सामने आने वाली सीमित बाधाएं हैं, जिससे इसकी खरीद और उपयोग में भारी वृद्धि हुई है।
प्रत्येक देश यह तय करने के लिए स्वतंत्र है कि ड्रोन कब और कहां उड़ेंगे, बिना किसी अन्य देश या अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण को जवाब दिए। आकाश के नियमों पर जमीनी मार्गदर्शन बहुत कम है।
विभिन्न उद्देश्य
ड्रोन प्राप्त करने और उपयोग करने में प्रत्येक देश की एक अनूठी रुचि है।
चीन दक्षिण चीन सागर में विवादित द्वीपों पर गश्त करने के लिए विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय जल में गुप्त निगरानी के लिए परिष्कृत ड्रोन का उपयोग कर रहा है। इसके विस्तारित ड्रोन कार्यक्रम ने अमेरिका जैसे अन्य देशों को भी प्रौद्योगिकी में अधिक निवेश करने के लिए प्रभावित किया है।
तुर्की की सेना के पास एक अत्यधिक परिष्कृत ड्रोन, बेरकतार टीबी2 है, जो लेजर-निर्देशित बम ले जाने में सक्षम है और इतना छोटा है कि इसे एक फ्लैटबेड ट्रक में फिट किया जा सकता है।
संयुक्त अरब अमीरात यमन और लीबिया में तैनात करने के लिए चीन और तुर्की से ड्रोन आयात करता है ताकि युद्ध होने की स्थिति में हर तरफ नजर रखी जा सके।
और दक्षिण कोरिया एक विशेष ड्रोन इकाई शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि वह हाल ही में उत्तर कोरियाई ड्रोन घुसपैठ का जवाब देने में विफल रहा है। जब उत्तर कोरिया ने दिसंबर 2022 में अपने दक्षिणी पड़ोसी की ओर पांच ड्रोन तैनात किए, तो दक्षिण कोरिया को चेतावनी देने के लिए अपने लड़ाकू विमानों को उतारना पड़ा।
हवा में कोई नियम नहीं
सशस्त्र ड्रोन वाले देश अंतरराष्ट्रीय रूप से सहमति वाले किन्हीं नियमों का पालन करने की बजाय अपने खुद के नियमों का पालन कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कानून सशस्त्र बल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है जब तक कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद किसी हमले या आत्मरक्षा के मामले में इसके लिए अधिकृत नहीं करता है।
लेकिन एक पूर्ण युद्ध की बजाय, ड्रोन को कानूनी रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों, निगरानी और अन्य गैर-आत्मरक्षा जरूरतों के लिए तैनात किया जा सकता है, जो सैन्य टकराव में इसके इस्तेमाल का रास्ता बनाता है।
ड्रोन के उपयोग के लिए आकाश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पता लगाना कठिन है।
20 वर्षों से, विशेषज्ञों ने हथियारों पर अंतर्राष्ट्रीय समझौते बनाने की कोशिश की है - और कुछ देशों ने एक अनौपचारिक 2016 संयुक्त राष्ट्र समझौते का समर्थन किया है जो देशों को मानव रहित हवाई वाहनों के आयात और निर्यात के दस्तावेज की सिफारिश करता है।
लेकिन ये प्रयास कभी भी गंभीर, व्यापक मानकों और कानूनों के रूप में विकसित नहीं हुए। इसके कई कारण हैं।
अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए, सरकारें ड्रोन डेटा जारी नहीं करना चाहती हैं। वे अपनी तकनीक के दोहराव से भी बचना चाहती हैं और ड्रोन व्यापार में अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखना चाहती हैं।
अमेरिका और ड्रोन
इराक, अफगानिस्तान, सीरिया और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में विदेशी अभियानों में शामिल होने के कारण अमेरिका ड्रोन युद्ध को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका ने 2022 में अफगानिस्तान में ड्रोन हमले से अल-कायदा के एक शीर्ष नेता को मार गिराया था।
लेकिन ड्रोन हमलों के अन्य उदाहरण भी हैं जिनके परिणामस्वरूप अनजाने में जान और माल की हानि हुई है।
2021 में, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि एक वाहन पर अमेरिकी ड्रोन हमला किया गया, जिसके बारे में सोचा गया था कि उसमें इस्लामिक स्टेट का बम हो सकता था, हमले में 10 बच्चों की मौत हुई - जबकि अमेरिका का कहना था कि इसमें शायद तीन नागरिकों की मौत हुई ।
विदेशों में ड्रोन के उपयोग के बारे में अमेरिकी कैसा महसूस करते हैं, इस पर बहुत कम जनमत अनुसंधान है, जो उनके सैन्य उपयोग के लिए सार्वजनिक समर्थन को मुश्किल बनाता है।
ड्रोन के खतरे
ड्रोन के खतरे वास्तविक हैं।
कई ड्रोन विशेषज्ञों, जिनमें मैं भी शामिल हूं, का मानना है कि ड्रोन के हस्तांतरण, निर्यात, आयात और उपयोग को निर्देशित करने वाले नियमों के बिना ड्रोन पर अपने निर्णय लेने के लिए प्रत्येक देश की सेना के लिए यह असुरक्षित है - और ड्रोन पर चर्चा करने के लिए कोई बड़ा मंच नहीं है।
एक से अधिक ड्रोन एक दूसरे के साथ दूरस्थ रूप से संवाद कर सकते हैं, एक व्यक्तिगत ड्रोन पथ या पैटर्न के बजाय साझा उद्देश्य बना सकते हैं। मधुमक्खियों के झुंड की तरह, ये ड्रोन दुर्घटनाओं के लिए एक घातक और स्वायत्त हवाई सेना तैयार करते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अधिक परिष्कृत मानवरहित हवाई वाहनों के आगमन के साथ, ड्रोन सेकंड में गति, ऊंचाई और लक्ष्य को बदल सकते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना और जांच करना और भी मुश्किल हो जाता है।
ड्रोन का पता लगाना एक और जटिलता है, खासकर युद्ध के मैदान में।
यूक्रेनी और रूसी सेना दोनो ही जानना चाहते हैं कि एक ड्रोन ने कहां से उड़ान भरी है। यह निर्धारित करना मुश्किल हो सकता है, खासकर रात में, क्योंकि ड्रोन तेजी से चलने वाले वाहन होते हैं।
ड्रोन ऑपरेटर के सटीक स्थान को अधिक सटीक रूप से समझने के लिए नए ड्रोन डिटेक्शन प्लेटफॉर्म के साथ पारंपरिक रडार डिटेक्शन अधिक परिष्कृत हो गया है।
मेरे विचार में, दुनिया को आने वाले दशक के लिए ड्रोन के उपयोग पर नए और सुसंगत नियमों की आवश्यकता है जैसे ड्रोन घुसपैठ की बेहतर अंतरराष्ट्रीय निगरानी और ड्रोन हमलों के परिणाम में अधिक पारदर्शिता।
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