जरुरी जानकारी | डीपीआईआईटी ने रॉयल्टी भुगतान के मुद्दे पर 25 अगस्त को अंतर मंत्रालयी बैठक बुलाई

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नयी दिल्ली, 19 अगस्त उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने रॉयल्टी भुगतान के मुद्दे पर 25 अगस्त को अंतर मंत्रालयी बैठक बुलाई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस बैठक की अध्यक्षता डीपीआईआईटी सचिव गुरुप्रसाद मोहपात्र करेंगे।

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अधिकारी ने बताया कि बैठक में वाणिज्य विभाग, रिजर्व बैंक और राजस्व विभाग के अधिकारी भाग लेंगे।

इससे पहले सरकार के विचाराधीन एक प्रस्ताव था जिसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण अथवा भारत की किसी कंपनी के जरिये प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किसी विदेशी कंपनी की संलिप्तता वाले गठबंधन मामले में रॉयल्टी भुगतान की कोई सीमा तय की जानी चाहिये।

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सरकार द्वारा 2009 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति को उदार बनाये जाने के बाद इस प्रकार के विदेशों को होने वाले भुगतान तेज हुये हैं। इस नीति में सीमा समाप्त कर दी गई है और भारतीय कंपनियों को उनके तकनीकी भागीदार को सरकार की बिना पूर्वानुमति के रॉयल्अी का भुगतान करने की अनुमति दे दी गई।

किसी भी विदेशी भागीदार को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, उसके ब्रांड अथवा ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करने के बदले रॉयल्टी का भुगतान किया जाता है।

इस प्रकार के रॉयल्टी भुगतान में तेजी आने के बाद अप्रैल 2017 में सरकार ने एक अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया। समिति को भुगतान नियमों पर गौर करने और यह देखने को कहा गया कि क्या भारतीय कंपनियों द्वारा उनके विदेशी सहयोगियों को रॉयल्टी का ज्यादा भुगतान किया जा रहा है।

उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधों से घरेलू कंपनियों का मुनाफा बढ़ने में मदद मिलेगी। खासतौर से आटोमोबाइल क्षेत्र में इसका फायदा होगा। विदेशी मुद्रा भंडार को कम होने से बचाया जा सकेगा और अल्पांश शेयरधारकों के हितों की रक्षा होगी साथ ही सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।

वर्ष 2009 से पहले सरकार ने रॉयल्टी भुगतान को नियमन के दायरे में रखा था। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गठबंधन के मामले में रॉयल्टी भुगतान को निर्यात कारोबार के 8 प्रतिशत और घरेलू बिक्री के पांच प्रतिशत पर सीमित रखा गया था। इसी प्रकार ट्रेडमार्क और ब्रांड नाम के इस्तेमाल में रॉयल्टी भुगतान निर्यात पर दो प्रतिशत और घरेलू बिक्री का एक प्रतिशत तय किया गया था।

प्रमुख वाहन कंपनी मारुति सुजूकी ने 2019- 20 में अपनी मूल कंपनी सुजूकी को शुद्ध बिक्री का 5.3 प्रतिशत रॉयल्टी भुगतान किया।

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