देश की खबरें | दहेज हत्या: महिला आयोग ने घरेलू उत्पीड़न मामले में आरोपपत्र में देरी के लिए पुलिस को दोषी ठहराया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने पुणे में खुदकुशी करने वाली वैष्णवी हगवणे की जेठानी द्वारा दायर घरेलू उत्पीड़न के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने में कथित देरी की जांच की बुधवार को मांग की।

मुंबई, 28 मई महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने पुणे में खुदकुशी करने वाली वैष्णवी हगवणे की जेठानी द्वारा दायर घरेलू उत्पीड़न के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने में कथित देरी की जांच की बुधवार को मांग की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) से निष्कासित नेता राजेंद्र हगवणे की बहू वैष्णवी ने 16 मई को पिंपरी चिंचवड़ के बावधन में अपने ससुराल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसके परिजनों ने दावा किया है कि उसके पति के परिवार द्वारा दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था, जिसमें जमीन खरीदने के लिए दो करोड़ रुपये की मांग भी शामिल थी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि वैष्णवी की जेठानी मयूरी जगताप की ओर से छह नवंबर 2024 को उनके पास घरेलू उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

उन्होंने बताया कि आयोग ने सात नवंबर 2024 को पुणे के पौड पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

बाद में आयोग ने जगताप की शिकायत की जांच में हुई देरी के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी।

उन्होंने कहा, "पुलिस अधीक्षक (पुणे ग्रामीण) ने आज रिपोर्ट पेश की है। आरोपपत्र 60 दिनों के भीतर दाखिल नहीं किया गया। मामला 31 जनवरी, 2025 को बावधन पुलिस को सौंप दिया गया। गृह विभाग को इस देरी की जांच करनी चाहिए।" फडणवीस के पास ही गृह विभाग का जिम्मा है।

राजेंद्र हगवणे की बहू जगताप ने दावा किया था कि अगर उनके घरेलू उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो वैष्णवी ने अपनी जान नहीं ली होती।

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