देश की खबरें | कोविड-19 संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए राज्यपाल पहुंचीं दून अस्पताल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यपाल ने अस्पताल में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों और स्टाफ़ से बातचीत की तथा ऐसे मरीज़ों के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा ओपीडी के बारे में भी पूछा जो कोविड प्रभावित नहीं हैं।
राज्यपाल ने अस्पताल में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों और स्टाफ़ से बातचीत की तथा ऐसे मरीज़ों के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा ओपीडी के बारे में भी पूछा जो कोविड प्रभावित नहीं हैं।
उन्होंने गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कोविड मरीज़ों से वीडियो कॉल पर बात की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने नर्सों का उत्साह बढ़ाते हुए अस्पताल प्रबंधन को उनके हितों और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बेबी रानी ने इसके बाद ग्राफ़िक एरा में बनाए गए पृथक-वास केंद्र के बाहरी परिसर का भी दौरा किया और वहाँ तैनात अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान दौर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए सबसे कारगर दवा ‘‘सोशल वैक्सीन’’ अर्थात प्रेम और सहानुभूति है।
दून मेडिकल कॉलेज के प्रमुख डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि अभी तक यहां भर्ती कुल 391 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 73 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं ।
इसके बाद, राज्यपाल ने देहरादून में तैनात महिला अधिकारियों से कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रभावित महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा की।
राज्य की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, मुख्य विकास अधिकारी नितिका खण्डेलवाल, अतिरिक्त सिटी मजिस्ट्रेट आकांक्षा और नगर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे से बात करते हुए राज्यपाल ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार के प्रयासों और घरेलू हिंसा के मामलों पर चर्चा की।
राज्यपाल ने महिला अधिकारियों से महिला स्वयं सहायता समूहों तथा एकल महिलाओं के लिए कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित करने को कहा। उन्होंने महिलाओं के लिए मास्क निर्माण, बेकरी उद्योग और अन्य घरेलू उत्पादों के निर्माण के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौर में महिला कार्मिकों को अपने कार्य के साथ-साथ परिवार का भी ध्यान रखना होता है। ऐसे में मानसिक तनाव का सामना करने के लिए उनकी पर्याप्त काउंसिलिंग और सहायता की जानी चाहिए।
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