देश की खबरें | घरेलू निजी कंपनियों को आयुध निर्माणी बोर्ड जैसी इकाई स्थापित करनी चाहिए:सेना के अधिकारी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, तीन सितंबर थल सेना मौजूदा सरकारी आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) के समानांतर हथियार एवं गोला-बारूद उत्पादन की एक इकाई घरेलू निजी कंपनी द्वारा स्थापित किये जाने की उम्मीद कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

थल सेना के ‘मास्टर जनरल ऑफ आर्डनेंस’ लेफ्टिनेंट जनरल एस के उपाध्याय ने कहा कि सेना स्वदेशी हथियार एवं गोला-बारूद की खरीद के दौरान घरेलू निजी कंपनियों से समय पर आपूर्ति, गुणवत्ता और निष्पक्षता की भी उम्मीद कर रही है।

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उन्होंने एक वेब सेमिनार में कहा कि निविदा की प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा आती है और उस स्तर पर उद्योग में ऐसे तत्व हैं जो एक अनुबंध हासिल करने की दिशा में काम करने के बजाय यह सुनिश्चित करने में लगे रहेंगे कि अन्य व्यक्ति को अनुबंध नहीं मिल जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘जब यह होता है, तब समय बढ़ जाता है और यह हमारे कार्य को कुछ जटिल कर देता है। ’’

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उपाध्याय ने ‘पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स’ द्वारा आयोजिक कार्यक्रम में यह भी कहा, ‘‘यदि उद्योग निष्पक्ष भागीदारी में जाता है तो हमें इससे खुशी होगी। ’’ कार्यक्रम का विषय था ‘भारतीय थल सेना की स्वदेशीकरण की जरूरतें’।

उन्होंने कहा कि थल सेना गोला-बारूद की आपूर्ति के लिये पूरी तरह से ओएफबी पर निर्भर है। ‘‘और जो चीजें ओएफबी में नहीं हैं उनका हम आयात किया करते हैं। ’’

उन्होंने निजी घरेलू कंपनियों से समानांतर आयुध आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने को कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘ओएफबी हमें उपलब्ध है। हम चाहते हैं कि एक समानांतर उत्पादन इकाई हमें मिले। भले ही यह ओएफबी जितनी बड़ी न हो। लेकिन शुरूआत में एक समानांतर इकाई स्थापित हो और उद्योग से फिर विभिन्न तरह के आयुध उपलब्ध हों तथा आने वाले समय में आपूर्ति बढ़ाई जाए।’’

उन्होंने कहा कि सेना निजी उद्योग क्षेत्र से अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद पाने को लेकर आशावादी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 101 हथियारों और सैन्य उपकरणों के आयात पर 2024 तक के लिए रोक लगाने की नौ अगस्त को घोषणा की थी।

उन्होंने कहा था कि मंत्रालय अब आतमनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।

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