घरेलू तेल- तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए तेलों के सस्ते आयात पर शुल्क बढ़ाये सरकार: कारोबारी
बाजार सूत्रों का कहना है कि सस्ते आयात की मार से घरेलू तेल- तिलहन उत्पादक किसानों और इकाइयों को बचाने के लिए सरकार को पाम तेल, सूरजमुखी, रेपसीड, सोयाबीन डीगम जैसे तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने के बारे में विचार करना चाहिये। लेकिन सरकार द्वारा सरसों की एमएसपी पर खरीद करने से तिलहन उत्पादक किसानों में उत्साह है और निश्चित तौर पर अगले साल सरसों के साथ अन्य देशी तिलहनों का उत्पादन बढ़ेगा।
नयी दिल्ली, 26 मई सरसों उत्पादक राज्यों में सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद होने से सरसों किसानों में उत्साह का संचार हुआ है। दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों भाव में इससे पर्याप्त सुधार दर्ज हुआ। दूसरी ओर लॉकडाऊन में ढील दिये जाने के बाद मांग मे आई तेजी से सीपीओ एक्स कांडला तेल में भी सुधार देखा गया। हालांकि इस दौरान अन्य तेलों के भाव या तो अपरिवर्तित रहे या मामूली हानि दर्शाते बंद हुए।
बाजार सूत्रों का कहना है कि सस्ते आयात की मार से घरेलू तेल- तिलहन उत्पादक किसानों और इकाइयों को बचाने के लिए सरकार को पाम तेल, सूरजमुखी, रेपसीड, सोयाबीन डीगम जैसे तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने के बारे में विचार करना चाहिये। लेकिन सरकार द्वारा सरसों की एमएसपी पर खरीद करने से तिलहन उत्पादक किसानों में उत्साह है और निश्चित तौर पर अगले साल सरसों के साथ अन्य देशी तिलहनों का उत्पादन बढ़ेगा।
बाजार सूत्रों ने कहा कि लॉकडाउन में ढील दिये जाने के बाद होटल, रेस्तरां आदि की कारोबारी मांग के बढ़ने से कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) की कीमत में सुधार देखने को मिला।
नजफगढ़ मंडी में सरसों लूज का हाजिर भाव 4,300-4,400 रुपये क्विन्टल है जिसमें कंडीशन समेत मंडी शुल्क, वारदाना खर्च और बाकी अन्य खर्च अलग से हैं। हाजिर बाजारों में, भरतपुर में सरसों लूज का भाव 4,150 रुपये क्विन्टल है जबकि राजस्थान के कोटा और म.प्र. में यह भाव 4,200 रुपये क्विन्टल है, गुजरात में भी सरसों लूज का भाव 4,200 रुपये क्विन्टल है।
सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क मूल्य कम होने से देश में सोयाबीन तेल का आयात बढ़ सकता है, ऐसे में स्थानीय सोयाबीन किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को सोयाबीन, सूरजमुखी और रेपसीड पर आयात शुल्क 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत कर देना चाहिये।
मंगलवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 4,525 - 4,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 4,840 - 4,890 रुपये।
वनस्पति घी- 945 - 1,050 रुपये प्रति टिन।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,000 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,965 - 2,015 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,490 - 1,635 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,560 - 1,680 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 10,000 - 13,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 8,500 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,450 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 7,350 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 6,520 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,400 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 7,850 रुपये।
पामोलीन कांडला- 7,150 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,825- 3,875 लूज में 3,625--3,675 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2020 03:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

