नयी दिल्ली, चार फरवरी वित्त वर्ष 2025-26 का बजट आयकर में कटौती के जरिये घरेलू मांग को बढ़ाएगा, जिससे अगले कुछ वर्षों में भारत की वृद्धि को समर्थन मिलेगा। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने मंगलवार को यह बात कही।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि यह भी उल्लेखनीय है कि देश आयकर छूट में बढ़ोतरी के बावजूद 4.4 प्रतिशत राजकोषीय घाटे को लक्ष्य को हासिल करेगा।
एसएंडपी ने कहा कि भारत का आम बजट क्रमिक रूप से राजकोषीय समेकन की राह पर है और यह भारत की सरकारी साख ‘बीबीबी-’ पर सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। घाटे के लक्ष्य भी एसएंडपी के अनुमानों के अनुरूप हैं।
एसएंडपी ने बयान में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि न्यूनतम कर योग्य आय की सीमा बढ़ाने और धीमी आर्थिक वृद्धि से राजस्व हानि के बावजूद भारत अपने घाटे के लक्ष्यों को हासिल करेगा। केंद्रीय बैंक से लगातार अधिक लाभांश मिलने और कम पूंजीगत व्यय से इसे समर्थन मिलेगा।''
इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 का बजट आयकर कटौती के रास्ते घरेलू मांग को बढ़ाकर अगले कुछ वर्षों में वृद्धि को गति देगा।
एसएंडपी ने अनुमान जताया कि उपभोक्ता खर्च और सार्वजनिक निवेश वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि को 6.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 6.8 प्रतिशत पर बनाए रखेंगे।
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