देश की खबरें | जब तक नीट से छूट नहीं मिल जाती तब तक द्रमुक नहीं रुकेगी: स्टालिन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने रविवार को राज्य के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) से छूट के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा किया। मुख्यमंत्री के बेटे एवं कैबिनेट मंत्री उदयनिधि ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राज्यव्यापी भूख हड़ताल का नेतृत्व किया।

चेन्नई, 20 अगस्त तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने रविवार को राज्य के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) से छूट के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा किया। मुख्यमंत्री के बेटे एवं कैबिनेट मंत्री उदयनिधि ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राज्यव्यापी भूख हड़ताल का नेतृत्व किया।

स्टालिन ने कहा कि द्रमुक तब तक नहीं रुकेगी, जब तक तमिलनाडु को मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीय योग्यता परीक्षा से छूट नहीं मिल जाती।

वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीट का ‘‘राजनीतिकरण’’ करने के लिए राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की आलोचना की।

उदयनिधि ने कहा कि पार्टी आज के आंदोलन तक ही सीमित नहीं रहेगी और वह इस मुद्दे पर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन करेगी।

स्टालिन ने एक शादी समारोह में कहा कि तमिलनाडु को केंद्रीय प्रवेश परीक्षा से छूट मिलने तक द्रमुक का प्रयास जारी रहेगा।

स्टालिन ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि पर उनकी हाल में की टिप्पिणयों के लिए निशाना साधा कि वह राज्य के नीट विरोधी विधेयक पर कभी हस्ताक्षर नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला अब राष्ट्रपति के पास है और राज्यपाल का काम केवल ‘‘डाकिये’’ का है, जिन्हें राज्य विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को राष्ट्रपति भवन भेजना पड़ता है।

सत्तारूढ़ पार्टी की भूख हड़ताल मदुरै के अलावा पूरे राज्य में हुई तो वहीं विपक्षी अन्नाद्रमुक आज अपना राज्य सम्मेलन आयोजित कर रही है।

पार्टी की युवा इकाई के प्रमुख उदयनिधि के साथ द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों- दुरईमुरुगन, एम. सुब्रमण्यम और पीके शेखर बाबू, पार्टी के सांसद, विधायक और चेन्नई की महापौर प्रिया आर ने भी यहां वल्लूवर कोट्टम में प्रदर्शन में भाग लिया।

द्रमुक नीट का विरोध करती रही है और उसका कहना है कि यह सामाजिक न्याय के खिलाफ है।

नीट की वजह से कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों की एक तस्वीर यहां मंच पर लगायी गयी और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गयी।

पिछले सप्ताह एक अभ्यर्थी की कथित आत्महत्या के मद्देनजर इस केंद्रीय प्रवेश परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पूरे राज्य में भूख हड़ताल का आह्वान किया गया है।

स्टालिन ने दोहराया कि उनकी पार्टी नीट लागू होने के बाद से ही उसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान विधानसभा द्वारा पारित विधेयक लौटा दिया गया था और तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी ने इसका खुलासा नहीं किया था, इसके बाद विधेयक समाप्त हो गया था।

उन्होंने राज्यपाल की हाल की टिप्पणियों के संदर्भ में कहा, ‘‘राष्ट्रपति को केंद्र की सलाह पर विधेयक पर फैसला करना चाहिए। केवल राष्ट्रपति के पास शक्ति है न कि राज्यपाल के पास, उनका काम केवल डाकिये का है, जो हमने भेजा है, उन्हें वह भेजना पड़ेगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह संघर्ष जारी रहेगा, नीट में छूट मिलने तक द्रमुक नहीं रुकेगी। भले ही सत्ता में रहे या न रहे, यह आंदोलन लोगों के लिए काम करता रहेगा।’’

उदयनिधि ने इस मुद्दे पर अन्नाद्रमुक और तमिलनाडु के राज्यपाल रवि दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक को रविवार को जारी मदुरै सम्मेलन में नीट-विरोधी प्रस्ताव अपनाने की भी चुनौती दी।

द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों ही राज्य में नीट का विरोध कर रहे हैं।

उदयनिधि ने कहा कि नीट के खिलाफ संघर्ष आज के विरोध प्रदर्शन के साथ समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्टालिन की अनुमति से राष्ट्रीय राजधानी में भी आंदोलन किया जाएगा।

यहां प्रदर्शन स्थल पर दुरईमुरुगन ने कहा कि बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद केंद्र सरकार नीट के खिलाफ तमिलनाडु के आग्रह को स्वीकार नहीं कर रही है।

इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलई ने सत्तारूढ़ द्रमुक पर नीट का ‘‘राजनीतिकरण’’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नीट कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन द्रमुक ने इसे एक भावुक मसले में बदल दिया है, जिसके कारण अब छात्र आत्महत्या कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि देश में किसी अन्य राज्य में इस तरह से लोगों की मौत नहीं हुई।

अन्नामलई ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वे (द्रमुक) इस पर राजनीति कर रहे हैं।’’

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