चेन्नई, 28 जून सत्तारूढ़ द्रमुक ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधने वाली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी के लिए उन पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और भाजपा को “प्रतिक्रियावादी ताकत” करार दिया।
सिंह द्वारा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधने के कुछ दिनों बाद, सत्तारूढ़ पार्टी के मुखपत्र ‘मुरासोली’ ने अपने संपादकीय में कहा कि स्टालिन के नाम से ही रक्षा मंत्री में डर पैदा हो गया।
द्रमुक के तमिल दैनिक ने कहा, “राजनाथ सिंह का कहना है कि रूसी तानाशाह का नाम स्टालिन है और स्टालिन (मुख्यमंत्री) इसी तरह की तानाशाही में लिप्त हैं।”
द्रमुक के अखबार ने 1941 से 1953 तक तत्कालीन सोवियत राज्य के प्रमुख जोसेफ स्टालिन (1878-1953) की कई ‘उपलब्धियों’ को सूचीबद्ध किया। इसमें सोवियत संघ को औद्योगिक महाशक्ति बनाना, पूंजीवाद को खत्म करना, साम्राज्यवाद का विरोध, मार्क्सवाद-लेनिनवाद के आदर्शों की रक्षा, सभी नागरिकों को नौकरी की गारंटी और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
मुरासोली में कहा गया, “ये रूसी प्रधानमंत्री स्टालिन की उपलब्धियां हैं। इनमें से कुछ भी राजनाथ सिंह की आंखों को दिखाई नहीं दे रहा है। सदियों से प्रतिक्रियावादी तत्वों ने क्रांतिकारियों और सुधारवादियों पर इसी तरह कलंक लगाया है।”
द्रमुक के मुखपत्र में कहा गया है कि पटना में विपक्षी नेताओं की हालिया बैठक ने उन लोगों के प्रयासों को समाप्त करने के लिए एक नई शुरुआत के बीज बोए हैं जो ‘एक ही व्यक्ति’ के तहत एकात्मक राज्य की शुरुआत करने का प्रयास करते हैं और इस तरह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ‘उपसंहार’ लिखते हैं।
‘एक ही व्यक्ति’ परोक्ष रूप से नरेन्द्र मोदी के लिए प्रयुक्त किया गया है।
मुखपत्र के अनुसार, यही वजह थी कि भाजपा नेता जे.पी. नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह हैरान थे। उनके लिए द्रमुक प्रमुख स्टालिन फासीवादियों को पटखनी देने वाले जोसेफ स्टालिन के रूप में सामने आए।
यह रेखांकित करते हुए कि मुख्यमंत्री सामाजिक न्याय, फासीवादी तत्वों और प्रतिक्रियावादी ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, द्रमुक के दैनिक ने कहा ‘‘हां, यह सच है।’’
20 जून को, रक्षा मंत्री ने आश्चर्य जताया कि क्या द्रमुक प्रमुख ने “नाम (जोसेफ स्टालिन) को बहुत गंभीरता से लिया है और लोकतंत्र की भावना को खतरे में डाल रहे हैं। ’’
सिंह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नौ साल के राजग शासन की “उपलब्धियों” पर प्रकाश डालने के लिए यहां एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
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