देश की खबरें | महाराष्ट्र में कोविड-19 के बीच सादगी से मनायी जा रही दिवाली
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 14 नवंबर दिवाली का त्योहार मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में शनिवार को पारंपरिक तरीके से मनाया जा रहा है लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से इस बार रौनक कम है।

इस साल, लक्ष्मी पूजन (दिवाली की मुख्य पूजा) और नरक चतुर्दशी एक ही दिन पड़ रही है।

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महाराष्ट्र में परिवार के सदस्य इस दिन सुबह उठकर परंपरा के अनुसार ‘ अभ्यंग स्नान’ करते हैं। इस दिन लोग अपनी छतों की मुंडेर और बालकनी पर मिट्टी के दीये और ‘आकाश कांदील’ जलाते हैं और घरों के सामने रंगोली बनाते हैं।

मुंबई, पुणे, ठाणे और नासिक सहित पूरे महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘ दिवाली पहट’ इस त्योहार का अभिन्न हिस्सा बन गया है। हालांकि इस वर्ष कोरोना वायरस की महामारी की वजह से ऐसे आयोजन नहीं हो रहे हैं।

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वहीं, कुछ आयोजकों ने ऑनलाइन संगीत कार्यक्रमों और साक्षात्कार का आयोजन किया है।

ठाणे शहर का मसुंदा लेक और डोम्बिवली के फड़के रोड ऐसे कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध हैं जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार महामारी के चलते ऐसे कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया।

महाराष्ट्र सरकार ने इस साल पटाखों के जलाने पर रोक लगा दी है। शिवसेना नीत बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने भी कोरोना वायरस की महामारी पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।

हालांकि, नगर निकाय ने लक्ष्मी पूजन के दौरान ‘हल्के आवाज वाले पटाखों को जलाने की अनुमति दी है। बीएमसी ने कहा कि मुंबईवासी अपने निजी परिसरों में ‘अनार’ और ‘फुलझड़ी’ जला सकते हैं।

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