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विदेश की खबरें | थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम के प्रभावी होने को लेकर विवाद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. थाईलैंड और कंबोडिया के बीच मंगलवार को यह अस्पष्टता रही कि क्या दोनों देशों के बीच स‍ंघर्षविराम सच में लागू हो पाया है या नहीं क्योंकि एक दिन पहले ही दोनों देशों के नेताओं ने मलेशिया में एक बैठक कर संघर्ष रोकने पर सहमति जताई थी।

विदेश की खबरें | थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम के प्रभावी होने को लेकर विवाद
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सुरिन (थाईलैंड), 29 जुलाई थाईलैंड और कंबोडिया के बीच मंगलवार को यह अस्पष्टता रही कि क्या दोनों देशों के बीच स‍ंघर्षविराम सच में लागू हो पाया है या नहीं क्योंकि एक दिन पहले ही दोनों देशों के नेताओं ने मलेशिया में एक बैठक कर संघर्ष रोकने पर सहमति जताई थी।

थाईलैंड की सेना ने दावा किया कि कंबोडिया ने मध्य रात्रि को संघर्ष विराम लागू होने के बाद कई क्षेत्रों में हमले किए जबकि कंबोडिया ने कहा कि किसी भी स्थान पर गोलीबारी नहीं की गई है।

कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई ने दोनों देशों की सीमा पर पांच दिन से जारी संघर्ष के बाद सोमवार को ‘‘तत्काल और बिना शर्त’’ संघर्ष-विराम करने पर सहमति जताई थी।

इस संघर्ष में कई लोगों की मौत हो गई और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है

सीमावर्ती इलाकों में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि लड़ाई जारी है या नहीं, लेकिन कुछ जगहों पर शांति देखने को मिली तथा विस्थापित हुए कुछ परिवार अपने घरों की ओर लौटते हुए भी नजर आए।

थाईलैंड सेना के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि थाईलैंड ने संघर्ष विराम पर सहमति के अनुसार सभी सैन्य गतिविधियां रोक दी हैं, लेकिन कंबोडिया के सैनिकों ने हमले जारी रखे हैं, ‘‘जिसके बाद हमारी सेना को अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।’’

मेजर जनरल विथाई लैथोम्या ने एक बयान में कहा, ‘‘इस तरह की कार्रवाई संघर्ष विराम का जानबूझकर उल्लंघन और विश्वासघात दर्शाती हैं।’’

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने थाईलैंड के इन दावों का खंडन किया।

मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा, ‘‘संघर्ष विराम के प्रभावी होने के बाद से सभी अग्रिम मोर्चों पर कोई सशस्त्र संघर्ष नहीं हुआ है। यह संघर्ष विराम लागू करने के लिए कंबोडियाई नेतृत्व का दृढ़ संकल्प है।’’

उन्होंने कहा कि समझौते के तहत संघर्ष विराम के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के सैन्य कमांडर मंगलवार को अपनी पहली बैठक करेंगे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) क्षेत्रीय समूह के प्रमुख के रूप में सोमवार को वार्ता की अध्यक्षता की।

थाईलैंड और कंबोडिया यह बैठक तब करने के लिए तैयार हुए थे जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर यह चेतावनी दी थी कि यदि दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी रहा तो अमेरिका किसी भी देश के साथ व्यापार समझौते पर आगे नहीं बढ़ेगा।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के नेताओं द्वारा संघर्ष विराम के लिए सहमति जताए जाने के बाद कहा, ‘‘यह तनाव कम करने और शांति एवं सुरक्षा की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका संघर्ष विराम की घोषणा की सराहना करता है।

गत बृहस्पतिवार को सीमा पर एक बारूदी सुरंग विस्फोट में पांच थाई सैनिकों के घायल होने के बाद सीमा पर संघर्ष शुरू हो गया था। दोनों पक्षों ने झड़प शुरू करने के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया, जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए और दोनों पक्षों के 2,60,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। दोनों देशों ने अपने राजदूतों को वापस बुला लिया और थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ सभी सीमा चौकियां भी बंद कर दी थीं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2025 11:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).