बेंगलुरु, छह जून कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एम सी सुधाकर ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पिछली सरकार द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के बारे में विशेषज्ञों और पक्षकारों के साथ चर्चा कर रहे हैं।
सुधाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ सलाह-मशविरा के बाद आने वाले दिनों में इसे जारी रखने के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि निर्णय लेते समय प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ भी परामर्श किया जाएगा, क्योंकि नीति उस विभाग पर भी लागू होती है।
सुधाकर ने कहा, “एनईपी के संबंध में हमने विशेषज्ञों की बैठक बुलाई थी जिन्होंने इसके बारे में अध्ययन किया है। निरंजनाराध्या के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही मुख्यमंत्री से मिल चुका है और एनईपी के संबंध में अपनी राय साझा कर चुका है।’
उन्होंने कहा, “ मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मैं एनईपी और इसके फायदे और नुकसान को लेकर जानकारी प्राप्त कर रहा हूं और इस पर कांग्रेस पार्टी का रुख भी देख रहा हूं।”
मंत्री ने कहा, "एनईपी के लागू होने के दो साल बाद, हम शिक्षकों के सामने आए मसलों और वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं और इस बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसे जल्दबाजी में लागू किया गया था।"
उन्होंने कहा, “ प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री पाठ्यपुस्तकों के संबंध में कुछ उपाय कर रहे हैं। उसके बाद हम दोनों एक साथ बैठक करेंगे, विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे और इसे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर आगे निर्णय लेने की योजना है।"
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