जरुरी जानकारी | बेरोजगारी को लेकर विमर्श गलत, कौशल की कमी के कारण कई लोगों को नहीं हो रहा लाभ: चन्द्रशेखर

नयी दिल्ली, 14 जुलाई केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि देश में बेरोजगारी को लेकर जो विमर्श है, वह सही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार 2014 में सत्ता में आने के बाद से ‘विरासत में मिली समस्याओं’ से निपट रही है। वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनने के समय कार्यस्थलों पर 42 करोड़ लोगों में से 31 करोड़ लोग कुशल नहीं थे।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री ने कहा, “बेरोजगारी को लेकर जो विमर्श है, वह सही नहीं है क्योंकि बहुत सारी नौकरियां और सूक्ष्म-उद्यम क्षेत्र में अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन उनके लिए कौशल की जरूरत है।”

चन्द्रशेखर ने स्किल इंडिया की पायलट परियोजना के तहत जम्मू-कश्मीर की नमदा कला वस्तुओं की पहली खेप को ब्रिटेन के लिए रवाना करने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही।

उन्होंने कहा, “...और बहुत से भारतीय आज खुद को नुकसान की स्थिति में इसलिए पाते हैं क्योंकि 2014 के आसपास, कार्यबल में 42 करोड़ भारतीयों में से 31 करोड़ कुशल नहीं थे। आजादी के 65 साल बाद चार में से तीन भारतीयों को कार्यस्थल में कौशल के बिना अपने भाग्य पर छोड़ दिया गया था और पिछले नौ साल से हम इससे निपट रहे हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “एक प्रकार से, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में कौशल के माध्यम से विरासत में मिली समस्या का समाधान किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में अगर कोविड-19 महामारी के 2.5 वर्षों को हटा दें, तो 6.25 करोड़ युवा भारतीयों को मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कुशल बनाया गया है।

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