देश की खबरें | भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से गांवों में क्रांति की शुरुआत : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

नयी दिल्ली, 11 अगस्त केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को कहा कि देश के 94 फीसदी से अधिक गांवों में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का काम पूरा हो चुका है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में एक क्रांति की शुरुआत है।

भूमि संसाधन विभाग के एक मीडिया अभियान को शुरू करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि देशभर में अब तक 5,300 भूमि रिकॉर्ड कार्यालयों को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है।

सिंह ने कहा, ‘‘भूमि संबंधी धोखाधड़ी अब संभव नहीं होगी। बड़ी संख्या में दीवानी मामले भूमि विवादों से संबंधित हैं। हम जल्द ही अदालतों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ देंगे।’’

उन्होंने कहा कि भूमि संसाधन विभाग विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या प्रदान कर रहा है और पिछले एक वर्ष में लगभग नौ करोड़ भूमि पार्सल को पहचान संख्या प्रदान की गई है।

सिंह ने कहा कि भूमि संबंधी मुकदमेबाजी के कारण रुकी परियोजनाओं से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.3 प्रतिशत का नुकसान होता है।

मंत्री ने कहा कि एक बार विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद इस नुकसान को रोका जा सकेगा।

सिंह ने कहा कि भूमि अधिकारों के रिकॉर्ड और पंजीकरण कार्यालयों के अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण 94 प्रतिशत से अधिक गांवों (लगभग 6,20,166 गांव) में किया गया है, जबकि कुल गांवों की संख्या 6,56,792 है।

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