वाशिंगटन, दो मार्च अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने पहले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन’ में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के खिलाफ ‘पूर्व नियोजित और बिना उकसावे वाला’ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुतिन जैसे ‘तानाशाह’ दूसरे देश पर ‘आक्रमण’ की ‘कीमत चुकाएंगे।’
यूक्रेन में लगातार खतरनाक होते जा रहे संघर्ष के मद्देनजर बाइडन ने रूसी आक्रामकता के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने महामारी के बीच बढ़ती महंगाई से परेशान अमेरिकियों को आश्वस्त करने की कोशिश भी की।
बाइडन ने कहा कि यूक्रेन लोकतंत्रों और निरंकुश शासनों के बीच वैश्चिक संघर्ष के मुहाने पर खड़ा है और लोकतंत्र ही कायम रहेगा।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ विशेष सैन्य अभियान का आदेश दिये जाने के करीब एक सप्ताह बाद अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “एक रूसी तानाशाह के दूसरे देश पर हमला करने के मायने पूरी दुनिया के लिए हैं।”
उन्होंने कहा, “अपने पूरे इतिहास से हमने यह सबक सीखा है कि जब तानाशाहों को अपनी आक्रामकता की कीमत नहीं चुकानी पड़ती है तो वे और अधिक अराजकता फैलाने लगते हैं। वे आगे बढ़ते जाते हैं और अमेरिका तथा विश्व के लिए इसका खतरा व कीमत बढ़ती जाती है।”
अमेरिकी संसद की संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए 79 वर्षीय बाइडन ने कहा, “इसलिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का गठन किया गया था। अमेरिका और 29 अन्य देश नाटो के सदस्य हैं। यह मायने रखता है। अमेरिकी कूटनीति मायने रखती है।”
रूसी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए बाइडन ने कहा, “पुतिन का युद्ध पूर्व नियोजित और बिना उकसावे वाली कार्रवाई है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान के सभी प्रयासों को खारिज कर दिया। पुतिन ने सोचा था कि पश्चिमी देश और नाटो इसका जवाब नहीं देंगे। उन्हें लगा था कि वह हमारे घर में ही हमें बांट सकते हैं। पुतिन गलत थे। हम तैयार हैं। ”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनके रूसी समकक्ष ने यूक्रेन पर हमले को लेकर गलत आकलन किया है। उन्होंने कहा, “पुतिन ने सोचा था कि वह यूक्रेन में दाखिल हो जाएंगे और दुनिया कुछ नहीं करेगी, जबकि इसके उलट उन्हें ऐसी एकजुटता का सामना करना पड़ा, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। उन्हें यूक्रेन की जनता का सामना करना पड़ा।”
सांसदों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बाइडन ने कहा, “इस संघर्ष में, जैसा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूरोपीय संसद में दिए अपने भाषण में कहा था, ‘अंधेरे पर रोशनी की जीत होगी।’ अमेरिका में यूक्रेन के राजदूत आज रात यहां मौजूद हैं। आइए, हम सभी आज रात इस सभा से यूक्रेन और दुनिया को एक पुख्ता संदेश भेजें।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों और ब्रिटेन, कनाडा, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड तथा अन्य कई देशों के साथ, यहां तक कि स्विट्जरलैंड भी रूस पर दबाव डाल रहे हैं और यूक्रेन के लोगों की मदद कर रहे हैं। पुतिन पहले से कहीं ज्यादा इस दुनिया से अलग-थलग पड़ गये हैं।’’
बाइडन ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने पुतिन का सामना करने के लिए यूरोप और अमेरिका से लेकर एशिया और अफ्रीका तक सभी स्वतंत्रता-प्रेमी देशों का गठबंधन बनाने में महीनों मेहनत की। हमने रूस के झूठ का जवाब सच से दिया।’’
बाइडन ने कहा कि अब जबकि पुतिन ने यह कदम उठा ही लिया है तो आजादी के हिमायती देश उन्हें जवाबदेह ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मॉस्को पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रहा है।
बाइडन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेनाएं यूक्रेन में रूसी बलों के साथ संघर्ष में शामिल नहीं हैं, और न ही शामिल होंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सेनाएं यूक्रेन में लड़ने के लिए नहीं, बल्कि हमारे नाटो सहयोगियों की रक्षा के लिए जाएंगी, अगर पुतिन पश्चिम की ओर बढ़ने का फैसला करते हैं तो।”
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वाशिंगटन और उसके सहयोगी मुल्क नाटो देशों की एक-एक इंच भूमि की “अपनी पूर्ण सामूहिक ताकत” के साथ रक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा, “अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हम अभी रूस पर बेहद कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू कर रहे हैं। हम रूस के सबसे बड़े बैंकों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से अलग कर रहे हैं। रूस के केंद्रीय बैंक को रूसी रूबल को बचाने से रोककर हम पुतिन के 630 अरब अमेरिकी डॉलर के ‘युद्ध कोष’ को बेकार कर रहे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तक रूस की पहुंच बाधित कर रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षों में उसका आर्थिक विकास धीमा पड़ेगा और उसकी सेना कमजोर होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहा हूं कि हमारे प्रतिबंधों का प्रहार रूस की अर्थव्यवस्था पर लक्षित हो। और मैं अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में मौजूद हर औजार का इस्तेमाल करूंगा।”
उन्होंने कहा कि जब इस युग का इतिहास लिखा जाएगा, तब यूक्रेन पर पुतिन के हमले से रूस कमजोर और बाकी दुनिया अधिक मजबूत बन चुकी होगी।
बाइडन ने कहा, “हम इसके चलते राष्ट्राध्यक्षों के बीच ज्यादा एकता और अधिक एकीकृत यूरोप व अधिक एकीकृत पश्चिम को आकार लेते देखते हैं। हम उन लोगों के बीच एकजुटता देखते हैं, जो यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए दुनियाभर के देशों, यहां तक कि रूस में भी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं।”
बाइडन ने कहा, “लोकतंत्र और तानाशाही के बीच की लड़ाई में इस समय लोकतंत्र आगे बढ़ रहे हैं और दुनिया स्पष्ट रूप से शांति और सुरक्षा का साथ चुन रही है।”
उन्होंने कहा, “हम अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर आपके यॉच, आपके लग्जरी अपार्टमेंट, आपके निजी जेट को ढूंढ रहे हैं, ताकि उन्हें जब्त कर सकें। हम आपकी काली कमाई पर शिकंजा कसने के लिए आ रहे हैं।”
इस दौरान, बाइडन ने घोषणा की कि अमेरिका अपने हवाई क्षेत्र को रूसी विमानों के लिए बंद कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अन्य दंडात्मक कदमों के साथ उठाया गया यह कदम रूस को अलग-थलग करने के साथ ही उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर बनाएगा।
बाइडन ने कहा कि रूसी शेयर बाजार का मूल्य 40 फीसदी तक घट गया है और व्यापार निलंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है और इसके लिए केवल पुतिन जिम्मेदार हैं।
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