नयी दिल्ली, छह फरवरी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को रक्षा लेखा परिवीक्षा अधिकारियों के एक समूह से कहा कि वे पूर्व सैनिकों की पेंशन के वितरण में कभी भी समस्या उत्पन्न न करें और उनसे अपने करियर में हमेशा वित्तीय सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने यहां भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) परिवीक्षा अधिकारियों के समूह को संबोधित करते हुए उनसे पेंशनभोगियों के प्रति पूर्ण सहानुभूति रखने को कहा।
उन्होंने कहा, “पेंशन के वितरण में कभी भी समस्या उत्पन्न न करें। उनके साथ समर्पण की भावना से पेश आएं। वे सभी आपके लिए माता-पिता की तरह हैं।”
धनखड़ ने जोर देकर कहा कि पेंशनभोगी वे लोग नहीं हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं बल्कि वे राष्ट्र की सेवा करते-करते कभी थकेंगे नहीं।
उन्होंने कहा कि वे (पेंशनभोगी) मानव संसाधन की खास श्रेणी हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वित्तीय ईमानदारी बहुत जरूरी है।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “यह आपका अमृत है। एक बार वित्तीय ईमानदारी से समझौता हो जाने पर आप इसे हमेशा के लिए खो देते हैं। आप इसे कभी भी ठीक नहीं कर सकते।”
धनखड़ ने खातों को बनाए रखने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की सराहना की और कहा कि इसका उपयोग परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और लंबित कार्यों को कम करने के लिए किया जा सकता है।
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