नयी दिल्ली, 31 जुलाई राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मणिपुर में हिंसा को लेकर उच्च सदन में जारी गतिरोध दूर करने की कोशिश के तहत सोमवार को सत्तारूढ़ और विपक्षी नेताओं के साथ बैठक की लेकिन उनकी यह कोशिश काम नहीं आई।
धनखड़ ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के साथ संसद में उनके कक्ष में बातचीत की। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और सदन के नेता पीयूष गोयल भी मौजूद थे।
हालांकि बैठक बेनतीजा रही क्योंकि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ।
विपक्ष सदन के अन्य सभी कामकाज को स्थगित करने के बाद नियम 267 के तहत चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल मणिपुर पर अल्पकालिक चर्चा चाहता है।
विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान की भी मांग कर रहा है।
सभापति धनखड़ ने सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों से नियम 176 के तहत मिले नोटिस स्वीकार कर लिए हैं। उन्होंने सोमवार को इस पर अल्पकालिक चर्चा भी शुरू कराने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। इस वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
बैठक के दौरान विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, विदेश एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और सांसद सैयद नासिर हुसैन भी मौजूद थे।
बैठक में तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम, राष्ट्रीय जनता दल सहित अन्य विपक्षी दलों के सदन के नेता भी शामिल हुए।
ब्रजेन्द्र रंजन
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