देश की खबरें | धनबाद खदान का ‘ढहना’: सटीक स्थान की जानकारी न होने से एनडीआरएफ शुरू नहीं कर पाई बचाव अभियान

गिरिडीह के सांसद सी.पी. चौधरी द्वारा बाघमारा थाने में धरना दिए जाने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को तैनात किया गया था। चौधरी ने खदान ढहने की खबर के बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग की थी।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने घटना में कम से कम 15 मौतों को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर लीपापोती का आरोप लगाया और कहा कि यह "सबूत नष्ट करने के लिए लोगों को जानबूझकर ताजी मिट्टी के नीचे दफनाने" का मामला है।

केसरगढ़ क्षेत्र का दौरा करने वाले रॉय के अनुसार, जमीन को हाल में कोयला पत्थरों और मिट्टी से ढक दिया गया था, और कथित तौर पर खनन माफिया से जुड़े लगभग 15 लोगों ने क्षेत्र को घेर लिया था।

उन्होंने बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) और पुलिस पर अवैध खनन कार्यों में सहायता करने और जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

चौधरी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि इस घटना में कम से कम नौ श्रमिकों की जान चली गई।

आरोपों के बावजूद, धनबाद जिला प्रशासन, बीसीसीएल और पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक ऐसी किसी घटना के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ को बताया, "दुर्घटनास्थल की सही जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है, इसलिए बचाव अभियान शाम छह बजे तक शुरू नहीं हो सका। धनबाद प्रशासन और बीसीसीएल भी घटनास्थल की पहचान नहीं कर पाए हैं।"

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