देहरादून, दो सितंबर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भटट ने बृहस्पतिवार को मसूरी जाकर पृथक राज्य आंदोलन के दौरान हुए मसूरी गोलीकांड की 26 वीं बरसी पर राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी ।
दो सितंबर, 1994 को मसूरी गोलीकांड में मारे गए छह आंदोलनकारियों की याद में बने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा।
उन्होंने कहा, 'आंदोलनकारियों के बलिदान के कारण ही हमें उत्तराखंड मिला। उन्होंने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी, उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा।'
धामी ने कहा कि जन समस्याओं के तेजी से समाधान के लिए हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 जुलाई 2018 के बाद राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं हुआ है और सूची में आने से छूट गए आंदोलनकारियों के लिए नया शासनादेश जारी कर इस वर्ष 31 दिसंबर तक फिर चिन्हीकरण की प्रक्रिया चलाई जाएगी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, ऐसे राज्य आंदोलनकारी जिन्हें 3100 रू की पेंशन अनुमन्य की गई है, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आश्रित पत्नी या पति को भी 3100 रू प्रतिमाह की पेंशन जारी रखी जाएगी ।
केंद्रीय राज्य मंत्री भटट ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान से ही उत्तराखंड का निर्माण हुआ है और उनके सपनों के अनुरूप ही सरकार कार्य करेगी।
दीप्ति deepti
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