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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद मांग की कमी से तेल-तिलहनों के भाव टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. तेज गर्मी में तेल की मांग कमजोर रहने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। लगभग समाप्त होते स्टॉक के कारण बिनौला तेल की कीमत में सुधार आया जबकि विदेशी बाजारों की तेजी की वजह से सोयाबीन डीगम के भाव स्थिर बने रहे।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद मांग की कमी से तेल-तिलहनों के भाव टूटे

नयी दिल्ली, 20 मई तेज गर्मी में तेल की मांग कमजोर रहने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। लगभग समाप्त होते स्टॉक के कारण बिनौला तेल की कीमत में सुधार आया जबकि विदेशी बाजारों की तेजी की वजह से सोयाबीन डीगम के भाव स्थिर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.7 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में 0.56 प्रतिशत की तेजी है।

सूत्रों ने कहा कि स्टॉक लगभग समाप्ति की ओर होने से केवल बिनौला तेल कीमत में सुधार देखने को मिला जबकि गर्मियों की कमजोर मांग होने की वजह से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, सीपीओ, पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई।

सूत्रों ने कहा कि पिछले साल महंगा होने के कारण अप्रैल में सरसों की खपत आधी रह गई थी लेकिन इस बार आयातित तेलों के मुकाबले सस्ता होने से सरसों की भारी मांग है और विभिन्न राज्यों में आयातित तेलों की कमी को सरसों का रिफाइंड बनाकर पूरा किया जा रहा है। इस साल फरवरी महीने के बाद जिस रफ्तार से सरसों का इस्तेमाल हो रहा है उससे अगले तीन-चार महीनों में सरसों की दिक्कत पैदा हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार को सरसों को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा जिसका उत्तर भारत में अधिकतम इस्तेमाल किया जाता है और सरसों का कोई विकल्प भी नहीं है।

उपभोक्ताओं को सरसों तेल महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायतों के बारे में सूत्रों ने कहा कि सरसों तेल सारी लागत और मुनाफे के बाद 165-168 रुपये लीटर के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर मिलना चाहिये। ऐसा नहीं होने पर किसी गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,490-7,540 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,710 - 6,845 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,625 - 2,815 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,360-2,440 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,400-2,510 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 15,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 7,000-7,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,700- 6,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2022 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).